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ओजोन में छेद मानव व जीव जंतुओं के लिए खतरा

जोधपुर.ओजोन में छेद ( Ozone hole ) मानव ( humans ) और जीव जंतुओं ( Animals ) के लिए खतरा है। यह बात जामिया मिल्लिया इस्लामिया नई दिल्ली ( Jamia Millia Islamia New Delhi ) के जीवविज्ञान विभाग ( Department of Biology ) की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर तसनीम फातमा ( Professor Tasnim Fatma ) ने कही। वे मारवाड़ मुस्लिम एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसायटी के अधीन चलने वाले मौलाना अबुल कलाम आजाद मुस्लिम सीनियर सैकण्डरी स्कूल व फिरोज खान मेमोरियल गल्र्स सीनियर सैकण्डरी स्कूल के छात्र-छात्राओं के लिए ‘ओजोन : समस्याएं व समाधान ( Ozone: Problems and Solutions ) विषयक व्याख्यान ( lecture )दे रही थीं।              
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जोधपुर

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MI Zahir

Aug 31, 2019

Ozone hole threatens humans and animals

Ozone hole threatens humans and animals

जोधपुर.ओजोन में छेद ( Ozone hole ) मानव ( humans ) और जीव जंतुओं ( Animals ) के लिए खतरे व चिन्ता का सबब हैं। यह बात जामिया मिल्लिया इस्लामिया नई दिल्ली ( Jamia Millia Islamia New Delhi ) के जीवविज्ञान विभाग ( Department of Biology ) की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर तसनीम फातमा ( Professor Tasnim Fatma ) ने कही। वे मारवाड़ मुस्लिम एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसायटी के अधीन चलने वाले मौलाना अबुल कलाम आजाद मुस्लिम सीनियर सैकण्डरी स्कूल व फिरोज खान मेमोरियल गल्र्स सीनियर सैकण्डरी स्कूल के छात्र-छात्राओं के लिए ‘ओजोन : समस्याएं व समाधान ( Ozone: Problems and Solutions ) विषयक व्याख्यान ( lecture )दे रही थीं।

छतरी की तरह काम किया

प्रोफेसर फातमा ने कहा कि सृष्टि की रचना से पहले सभी जीव-जन्तु पानी में पाये जाते थे, क्योंकि यह दुनिया उस वक्त तक आग का एक गोला थी और बाद में ओजोन वजूद में आने के बाद यह दुनिया जीव-जन्तुओं के रहने के काबिल बनी। क्योंकि ओजोन ने इसकी सुरक्षा व संरक्षण करने के लिए एक छतरी की तरह काम किया।

योजनाबद्ध प्रयास करने चाहिए

उन्होंने बताया कि हमने अपने आराम और भोग विलास के लिए जो सामान बनाये हैं वो तत्काल तो अच्छे लगते हैं लेकिन सदैव के लिए हानिकारक है। उन्होंने उदाहरण के रूप में कहा कि एयरकन्डिश्नर हो या फ्रिज या बॉडी स्प्रे, ये सब हमें नित नई बीमारियों की तरफ ले जा रहे है। इसलिए हमें अपनी जीवन शैली और पर्यावरण के प्रदूषण की तरफ ध्यान देना चाहिए और मानवता की भलाई व बचाव के लिए योजनाबद्ध प्रयास करने चाहिए।

जीवन की सुरक्षा आज सबसे ज्यादा अनिवार्य

इस विशेष व्याख्यान की अध्यक्षता करते हुये मौलाना आजाद विश्वविद्यालय के अध्यक्ष पद्मश्री प्रोफेसर अख्तरुल वासे ( Akhtarul wase ) ने प्रोफेसर तसनीम फातमा के सार्थक और जनुपयोगी व्याख्यान के लिए उनका आभार व्यक्त किया। प्रोफेसर वासे ने नई पीढ़ी से कहा कि वो इन समस्याओं पर ध्यान दें और एक नये चिन्तन के साथ समाज में चेतना पैदा करें, ताकि प्रदूषण हो या ओजोन में गड़बड़, वो हमारे भविष्य के लिए विनाश का कारण न बने। उन्होंने कहा जल, जंगल और जीवन की सुरक्षा आज सबसे ज्यादा अनिवार्य है। इस व्याख्यान में प्रसिद्ध शिक्षाविद खालिद मोहम्मद, मौलाना अबुल कलाम आजाद मुस्लिम स्कूल के प्रिंसिपल इंतिखाब आलम, फिरोज खान गल्र्स स्कूल प्रिंसिपल शमीम शेख, शिक्षक मोहसिन, अर्चना त्यागी, शिल्पी व्यास, लुबना खान व सुनील पूनिया सहित कई विद्यार्थी मौजूद रहे। संचालन आयुषी जोशी व जुगनू खान ने किया।

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