
रात को बॉर्डर पर गश्त कर रहे हैं पाकिस्तानी ड्रोन, निशाने से बचने के लिए लाल की जगह लगाई सफेद बत्ती
गजेन्द्र सिंह दहिया/जोधपुर. पाकिस्तान वायुसेना ने अपने कई ड्रोन में अब लाल बत्ती हटा दी है। उसकी जगह सफेद बत्ती लगाई है ताकि दूर से ड्रोन दिखाई नहीं दे। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों ने कुछ समय पहले पाकिस्तान की इस चालाकी को पकड़ा है और अब इस तरह की रणनीति से निपटने की योजना बनाई जा रही है।
फरवरी में जम्मू कश्मीर में पुलवामा हादसे के बाद भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट में एयर स्ट्राइक की थी, जिसके बाद दोनों देशों की सेना बॉर्डर के समीप आ गई थी। पाकिस्तान ने तो बॉर्डर के समीप आधा दर्जन से अधिक बंद पड़े एयर बेस को भी चालू कर दिया था और भारतीय सेना की रियल टाइम पॉजिशन के लिए प्रतिदिन ड्रोन भेजे जाने लगे। रात के समय ड्रोन में लाल बत्ती लगी होने की वजह से आर्मी को दूर से ही ड्रोन नजर आ जाते थे।
फरवरी अंतिम सप्ताह से अप्रेल तक भारतीय सेना और वायुसेना ने 10 से अधिक पाक ड्रोन को मार गिराया। सर्वाधिक ड्रोन सेना की एंटी एयरक्राफ्ट गन ने मारे। घबराए पाकिस्तान ने लाल बत्ती लगे ड्रोन को गश्त से हटा दिया और उनकी जगह सफेद बत्ती लगाकर ड्रोन भेजने शुरू किए। लाल रंग की तरंगदैध्र्य अधिक होने की वजह से उसका प्रकीर्णन कम होता है और दूर से ही नजर आ जाता है।
बॉर्डर के समानांतर रात को गश्त
बीएसएफ सूत्रों के अनुसार भारत व पाकिस्तान दोनों ही देश वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय सीमा रेखा के समानांतर ड्रोन से एक दूसरे देशों पर नजर रखे हुए हैं। पाकिस्तान के अधिकांश ड्रोन अब रात को ही सीमा के आसपास नजर आते हैं। ये 15 हजार फीट पर 8 से 10 घण्टे तक नजर रख सकते हैं। सीमा पर वर्तमान में तनाव का माहौल नहीं है। ऐसे में दोनों देश सीमा पार ड्रोन को निशाना बनाने से बच रहे हैं।
50 से अधिक ड्रोन है पाक के पास
पाकिस्तानी सेना के पास विभिन्न तरह के करीब पचास ड्रोन हैं। पिछले साल चीन के साथ 48 विंग लूंग-2 नाम एडवांस ड्रोन खरीदने का सौदा भी किया गया है, जिससे पाकिस्तानी सेना ड्रोन से हमला करने की क्षमता भी हासिल कर लेगी।
Published on:
12 Jun 2019 08:21 am
