
गांवों की हथाई पर प्रधान की कुर्सी बनी चर्चा का विषय
पीपाड़सिटी (जोधपुर) . पंचायत समिति के प्रधान का पद इस बार सामान्य श्रेणी में रहने की घोषणा के साथ ही क्षेत्र में प्रधान पद के दिग्गज दावेदारों के चेहरों पर रौनक आ गई है।
सन् 2014 में बिलाड़ा और भोपालगढ़ की 28 ग्राम पंचायतों को तोड़ कर नव गठित की गई पीपाड़सिटी पंचायत समिति का प्रधान पद अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित होने से बीजेपी की इंदिरा मेघवाल प्रधान बनी थी। उस समय भाजपा के एक बड़े नेता के गांव रतकुडिय़ा और ससुराल खारिया खंगार ग्राम पंचायतों को तहसील क्षेत्र में नहीं होने के बावजूद नई पंचायत समिति में शामिल किया गया था।
इस बार सीट सामान्य श्रेणी में आने से पंचायत राज राजनीति के दिग्गजों की नजर फिर से प्रधान पद पर टिक गई हैं। इनमें कांग्रेस की ओर से रामनिवास जाखड़, गोरधनराम चौधरी, रघुवीर सिंह बिश्नोई का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है, जिनके परिवार से पहले भी बिलाड़ा और भोपालगढ़ में प्रधान रह चुके हैं।
राज्यसभा सदस्य रामनारायण डूडी, लूणी विधायक महेंद्र बिश्नोई, पूर्व सांसद बद्रीराम जाखड़ भी अपने समर्थक या पारिवारिक सदस्य को प्रधान पद पर आसीन कराने के लिए दम लगा सकते हैं। इसके साथ जिला कांग्रेस प्रवक्ता वीपी सिंह कूड़, उप प्रधान डूंगरराम, सरपंच रामनिवास पूनिया, भाजपा नेता दयाराम सैल और रामदीन खोखर भी दावा कर सकते हैं। पाली सांसद पीपी चौधरी भी अपने समर्थक को प्रधान पद पर बैठा कर डूडी-जाखड़ के राजनीतिक गढ़ में अपनी जड़ें जमाने से पीछे नहीं रहेंगे।
Published on:
04 Jan 2020 04:26 pm
