अस्पताल पहुंचने के 48 घंटे में दम तोड़ रहे मरीज, कोरोना संक्रमण का पीक टाइम अभी

- जनता में खत्म हो गया कोरोना का खौफ
- अब चूक हुई तो जिंदगी को खतरा

By: Jay Kumar

Published: 16 Sep 2020, 06:30 PM IST

जोधपुर. कोरोना संक्रमितों में से औसत १० लोग हर रोज मौत के मुंह में जा रहे हैं। संक्रमण दर १५ प्रतिशत तक पहुंच गई है। बुखार आने या लक्षण दिखने के बाद भी जनता जांच करवाने नहीं पहुंच रही। जब स्थितियां विकट हो जाती है तो अस्पताल पहुंच रहे हैं और ४८ घंटे के अंदर ही मौत आ जाती है। यह हकीकत है हमारे शहर जोधपुर की। पिछले कुछ समय में जनता ने यह समझ लिया कि कोरोना खत्म हो गया है, जबकि विशेषज्ञ मानते हैं कि यह कोरोना का पीक टाइम है। चिकित्सा प्रशासन भी लापरवाही बरत रहा है। मुख्यमंत्री ने जनता व विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ मंगलवार को संवाद किया। इसके बाद जो खतरा आने वाले समय के हिसाब से बताया, वह डरावना है।

कोरोना की अब तक की स्थिति
- ३ लाख ५२ हजार ४६१ कुल सैंपलिंग
- ४७०८ एक्टिव केस
- ६०० से ज्यादा इनमें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं।
- ३ हजार के करीब सैम्पलिंग प्रतिदिन।
- ४०० से ५०० के बीच पॉजिटिव, यानि संक्रमण दर १५ प्रतिशत के करीब।
- १० मौतें प्रतिदिन (औसत पिछले १० दिन का)

प्रशासन की लापरवाही
सख्ती कम कर दी गई। जनता को कोरोना के साथ खेलने की आजादी दी गई। यदि कोई संक्रमित आया और होम आइसोलेश में है तो उसे संभालने तक चिकित्सा प्रशासन की आेर से कोई नहीं जाता। उसकी रिकवरी या क्रिटिकल स्थिति भी नहीं पता की जाती। एेसे कई मामले पिछले दिनों सामने आए हैं।

जनता की लापरवाही
हल्का बुखार, जुकाम और खांसी जैसे लक्षण लेकर लोग घरों में बैठे हुए हैं। युवा वर्ग सोच रहा है कि उनको संक्रमण हुआ तो कोई इफेक्ट नहीं आएगा। इसी कारण गंभीर अवस्था होने पर अस्पताल पहुंच रहे और ५० प्रतिशत लोगों की मौत ४८ घंटे के अंदर हो रही है। कई लोगों को तो मृत्यु के २४ घंटे पहले की कोरोना पॉजीटिव की जानकारी मिल रही है।

इनका कहना...
जनता जागरूक होगी और प्रेशर बनाएगी, दूसरी ओर मेडिकल प्रशासन भी इसमें गंभीरता दिखाएगा। दोनों ओर से सजगता दिखेगी तो संक्रमण को रोकने में कामयाब हो सकेंगे।
- इंद्रजीतसिंह, जिला कलक्टर, जोधपुर।

Jay Kumar
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned