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पहले पिता ने झेला विरोध, अब बेटी के कामयाबी पर सीना हो रहा चौड़ा

-पायल ने राज्यस्तरीय वुशू प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक के साथ सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का जीता खिताब
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पहले पिता ने झेला विरोध, अब बेटी के कामयाबी पर सीना हो रहा चौड़ा

पहले पिता ने झेला विरोध, अब बेटी के कामयाबी पर सीना हो रहा चौड़ा

जयकुमार भाटी/जोधपुर. देश में जहां बेटी अपने पिता के लिए बोझ होती हैं, वहीं कुछ लोग ऐसे भी है जो अपनी बेटियों को परियों की तरह ना सिर्फ पालते हैं, बल्कि ऊंचाइयों तक पहुंचने में उनका साथ भी देते हैं। ऐसी ही जोधपुर की बेटी है पायल बिश्नोई, जिनकी कामयाबी के पीछे उनके पिता का हाथ है। पायल के पिता रामप्रसाद बिश्नोई ने अपनी बेटी को खुले आसमान में पंख और हौसला दिया। जिसकी वजह से पायल ने राज्यस्तरीय जूनियर वुशू प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने के साथ सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का खिताब भी अपने नाम किया।

लडक़ों के साथ मारपीट करने पर मुक्केबाजी व वुशू खेलना सीखाया

पायल के पिता रामप्रसाद फू्रूट बेचने का काम करते हैं। उनकी मां इंदिरा देवी गृहणी है, वहीं बड़ी बहन कोमल व बड़ा भाई हरिओम हैं। तीन संतानों में सबसे छोटी बेटी पायल बचपन से ही गली-मौहल्ले में अपनी उम्र के लडक़ों के साथ मारपीट करके घर आया करती थी। ऐसे में पिता ने बेटी की ऊर्जा को ऐसे ही किसी खेल में लगाने की सोची और बेटी के हुनर को तराशने के लिए उसे वुशू और मुक्केबाजी खेल सिखाने भेज दिया। पायल के वुशू और मुक्केबाजी खेल को जारी रखने के लिए माता-पिता को काफी संघर्ष भी करना पड़ा। यहां तक की घर में पायल की दादी ग्रामीण परिवेश की होने से हर वक्त ताने मारते हुए कहती कि लडक़ी जात है, इस तरह के खेल खेलेगी तो कहीं हाथ-पैर टूट जाएंगे, कोई शादी भी नहीं करेगा। लेकिन बेटी के सपनों को पंख देने के लिए पिता ने सभी बातों को नकारते हुए उसे कोच विनोद आचार्य के मार्गदर्शन में खेलने दिया।

राज्य स्तर पर जीता गोल्ड
पायल पिछले 3 साल से मुक्केबाजी और वुशू खेल का अभ्यास कर रही है। जिसकी वजह से अगस्त 2021 चूरू में आयोजित राज्य स्तरीय मुक्केबाजी प्रतियोगिता में रजत पदक प्राप्त जीता। वहीं अभी हाल ही में आयोजित 15वें राज्य स्तरीय जूनियर वुशु प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने के साथ बालिका वर्ग में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का खिताब भी अपने नाम किया। पायल का चयन जालंधर में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय स्तरीय वुशु प्रतियोगिता के लिए राजस्थान टीम से हुआ है। पायल का मानना है कि जीवन में यदि पूरी लगन और निष्ठा से कोई काम किया जाए तो मंजिल अवश्य मिलती है।

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