विदेशी लकड़ी के आयात में बाधा बन रहा 'फाइटोसैनेटरीÓ सर्टिफिकेट

विदेशी लकड़ी के आयात में बाधा बन रहा 'फाइटोसैनेटरीÓ सर्टिफिकेट

Amit Dave | Publish: Sep, 07 2018 10:26:07 PM (IST) Jodhpur, Rajasthan, India

 

सर्टिफिकेट से लकड़ी के दामों में वृद्धि

प्रभावित हो रहा निर्यात

 

जोधपुर।

भारत में विदेशी लकड़ी आयात करने के लिए फाइटोसैनेटरी सर्टिफिकेट की अनिवार्यता होती है। यह सर्टिफिकेट भारत में विदेशी लकड़ी के आयात में बाधा बन रहा है। दरअसल, शीशम की लकड़ी के निर्यात पर रोक व बाद में शीशम पर 'वृक्षÓ सर्टिफिकेट की जटिल प्रक्रिया की अनिवार्यता के बाद जोधपुर के हैण्डीक्राफ्ट निर्यातकों ने वैकल्पिक लकड़ी पर काम करने की सोची। इसके लिए कई देशों की मिलती-जुलती लकड़ी मिली, जिन पर निर्यातकों ने काम करना चाहा लेकिन इस सर्टिफिकेट की अनिवार्यता से लकड़ी के निर्यात में देश में प्रथम रहने वाले जोधपुर से लकड़ी का निर्यात प्रभावित हो रहा है। फाइटोसैनेटरी सर्टिफिकेट जिस देश से लकड़ी आयात की जाती है। उस देश के सरकारी विभाग की ओर से जारी किया जाता है। इस सर्टिफिकेट से लकड़ी के दामों में करीब 20 से 35 प्रतिशत तक बढ़ोतरी आ जाती है, जिसको वहन करना निर्यातकों के लिए भारी पड़ रहा है। यह सर्टिफिकेट प्रमाणित करता है कि जिस देश से लकड़ी आयात होती है। वह देश गारंटी के रूप में यह सर्टिफिकेट देता है कि आयात की गई लकड़ी कीड़ों व अन्य बीमारियों से मुक्त है। इस लकड़ी की वजह से निर्यात होने वाले देश में किसी प्रकारी की बीमारी व नुकसान नहीं होगा। अन्तरराष्ट्रीय संस्था साइटस ने शीशम पर वर्ष 2017 जनवरी में बैन लगा दिया था। करीब डेढ़ साल से ज्यादा समय से निर्यातक इस समस्या का सामना कर रहे है।

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फाइटोसैनेटरी सर्टिफिकेट की अनिवार्यता की समस्या को लेकर एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फोर हैण्डीक्राफ्ट (ईपीसीएच) का एक दल हाल ही में केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री गजेन्दसिंह शेखावत से मिला था। शेखावत जोधपुर के निर्यातकों की इस समस्या के लिए खुद पैरवी कर रहे है। उम्मीद है सकारात्मक परिणाम आएंगे।

राकेश कुमार, एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर

ईपीसीएच

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जोधपुर के हैण्डीक्राफ्ट निर्यातक विदेशी लकड़ी पर काम करना चाहते है परन्तु इस सर्टिफिकेट से लकड़ी के दामों में असाधारण वृद्धि हो रही है। जिसे निर्यातक वहन नहीं कर पा रहे है क्योंकि लकड़ी महंगी होने से उनके उत्पाद की कोस्ट बढ़ रही है। अन्तरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के दौर में यहां के निर्यातकों का टिक पाना मुश्किल हो रहा है।

डॉ. भरत दिनेश, अध्यक्ष

जोधपुर हैण्डीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन

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