
Poetry collections released and writershonored
जोधपुर . जोधपुर की पहचान भी संस्कृति से है। साहित्य इस सांस्कृतिक पहचान को सम्बल प्रदान करता है। यह बात अंतरराष्ट्रीय शाइर, चिंतक और आलोचक शीन काफ निजाम ने कही। वे सिटीजन्स सोसायटी फॉर एजुकेशन ( Citizens Society for Education ) की मेजबानी में सिवांची गेट गढ़ी स्थित स्वामी कृष्णानन्द सभागार में बुधवार की शाम आयोजित प्रो जेके व्यास-स्वामी कृष्णानंद स्मृति अभिनन्दन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि उदबोधन दे रहे थे। कार्यक्रम में महेंद्र लोढ़ा को समर्पित पुस्तिका ’चिन्तन’ और ‘पथिक जीवन पथ’ ‘सौ बॉतों री बॉत’ काव्य संग्रहों ( poetic collection ) का विमोचन व कृतिकारों का सम्मान किया गया। निजाम ने कहा कि सत्ताएं संवेदनाएं सहेजने का कार्य नहीं कर सकती। केंद्रीय साहित्य अकादमी नई दिल्ली में राजस्थानी भाषा परामर्शदात्री समिति के संयोजक मधु आचार्य ‘आशावादी‘ ने बतौर मुख्य अतिथि कहा कि वर्तमान में समाज से संवदेनाएं समाप्त हो रही हैं। ऐसे में रचनाकार से इन्हें बनाएं रखने की उम्मीद की जा सकती है। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि नन्दकिशोर राठी मेडिकल एण्ड एजुकेशन चैरिटेबल ट्रस्ट न्यासी सुरेश राठी ने वन बंधु परिषद की ओर से शिक्षा क्षेत्र में नवान्वेषण को समर्पित ‘एकल विद्यालय’ की परिकल्पना पर विस्तार से बताया
पुरस्कार, विमोचन व सम्मान
इसके बाद समारोह के प्रोफेसर प्रेमशंकर श्रीवास्तव श्रेष्ठ साहित्यिक सृजन पुरस्कार प्राप्त श्यामसुन्दर सिखवाल के काव्य संग्रह ‘पथिक जीवन पथ का’, डॉ.नृसिंह राजपुरोहित राजस्थानी साहित्य प्रतिभा पुरस्कार प्राप्त मोहन पुरोहित का काव्य संग्रह सौ बॉतो री बॉत’ के विमोचन व हाल ही में बिहारी पुरस्कार से सम्मानित राजस्थानी साहित्यकार डॉ.आईदानसिंह भाटी का भी अभिनन्दन किया गया। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि सुरेश राठी ने जोधपुर के सम्मानित कृतिकारों को पुरस्कार राशि का चैक प्रदान किया। पुरस्कृत कृतियों पर डॉ. सुनील माथुर व वाजिद हसन काजी ने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के आरंभ में डॉ.सुमिता व्यास ने सरस्वती वन्दना व नेत्रहीन विकास संस्थान के रामचन्द्र कड़ेला के नेतृत्व में विद्यार्थियों ने स्वागत गीत पेश किया। इस मौके मुकेश मांडण ने स्व. महेंद्र लोढ़ा के व्यक्तित्व व कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
Published on:
25 Dec 2019 10:30 pm
