
दो साल मेहनत कर पनपाए सौ पौधे, शरारती तत्वों ने डाल दी जहरीली दवा
भोपालगढ (जोधपुर). कोरोना वायरस कोविड-19 के संकटकाल में एक ओर ऑक्सीजन की कमी से सैकड़ों लोगों की जानें जा रही है। तो वहीं दाड़मी गांव में प्राकृतिक ऑक्सीजन स्रोत कहे जाने वाले करीब 100 पेड़ों में किसी शरारती तत्वों द्वारा जहरीली दवाई डालकर जलाने के प्रयास का मामला सामने आया है।
दाड़मी गांव के लोकदेवता वीर तेजाजी मंदिर परिसर में यह घटना हुई है और मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। ऐसे में गुस्साए ग्रामीणों ने करतूत करने वाले लोगों की पहचान कर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
दाड़मी गांव में रामनिवास जाट व उनके साथी कार्यकर्ताओं ने मिलकर गांव के बाहर स्थित लोकदेवता वीर तेजाजी महाराज मंदिर परिसर के आसपास करीब 2 साल पहले सौ नीम के पौधे लगाए थे। इन्हें पनपाने के लिए टीम मेहनत कर पौधों में पानी, खाद व दवाइयां आदि डालकर इन्हें पेड़ बनाने के प्रयासों में जुटे हैं।
लेकिन एक-दो दिन पहले रात में समाजकंटकों ने तेजा मंदिर परिसर के आसपास उगाए गए पेड़ बन रहे नीम के पौधों में कोई जहरीली दवाई अथवा हानिकारक केमिकल डाल दिया। इससे अधिकांश पौधे जलकर खराब हो गए। इसकी वजह से हरा-भरा नजर आने वाला मंदिर परिसर अब वीरान दिखने लगा है।
ग्रामीणों ने जताया रोष
दाड़मी स्थित मंदिर परिसर के आसपास लगाए नीम के इन पौधों को पेड़ बनाने के लिए पिछले 2 साल से युवा कार्यकर्ता एवं ग्रामीण जुटे हैं और देखरेख कर रहे हैं। लेकिन इस शरारत को लेकर ग्रामीणों ने रोष व्यक्त करते हुए पता लगाकर सजा देने की मांग की है।
Published on:
25 May 2021 12:22 am
