
- कई सडक़ों और चौराहों को खोद कर करवा रहे मरम्मत
- निगम और जेडीए की ओर से शहर में हो रहे काम
जोधपुर. चुनावी साल है और इसमें जो मांगों वो मिलता है। शहर के दोनों नगरीय निकाय जोधपुर विकास प्राधिकरण और नगर निगम की कार्यप्रणाली इसी तर्ज पर काम कर रही है। पांच साल पहले का चुनावी साल भी ठीक इसी प्रकार से बीता। तब प्रदेश की कांग्रेस सरकार की छवि सुधारने के लिए नगरीय निकायों ने अंतिम साल में कई कार्य करवाए, लेकिन फिर भी सरकार बच नहीं सकी थी। अब एक बार फिर उसी तर्ज पर शहर को उजाड़ कर फिर संवारने का काम जोरो पर है।
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जेडीए में सडक़-डिवाइडर निर्माण के ४५ करोड़ के टैंडर जोधपुर विकास प्राधिकरण ने अपने पास बजट नहीं होते हुए भी मानों खजाना खोल दिया है। करीब ४५ से ५० करोड़ की राशि तो सडक़ों को चमकाने और डिवाइडर बनाने जैसे कार्यों पर ही खर्च होगी। इस वित्तीय वर्ष में अब तक सडक़ मरम्मत व अन्य विकास कार्यों के अब तक २५ से अधिक लाइव टैंडर अलग-अलग जोन में लगाए गए हैं। यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। जहां मांग वहां घोषणा जेडीए की ओर से अभी औसतन सप्ताह में दो शिलान्यास एवं उद्घाटन करवाए जा रहे हैं। जो काम चुनाव से पहले पूरे नहीं हो सकते उनका शिलान्यास कर श्रेय लेने में कोई कसर नहीं है। कई एेसे कार्य भी हैं जो शुरू होने के बाद डेढ़ से तीन साल की अवधि में पूरे होंगे। लेकिन फिर भी उनके टैंडर जारी किए जा रहे हैं।
बजरी पर रोक भी धड़ाधड़ निर्माण टैंडर
सुप्रीम कोर्ट की बजरी पर रोक है। फिर भी धड़ाधड़ विकास कार्यों के टैंडर जारी किए जा रहे हैं। एेसे में सरकारी उपक्रम खुद ही अवैध बजरी खनन को बढ़ावा दे रहा है। जेडीए के अधिकारी कहते हैं कि अभी टैंडर और वर्क ऑर्डर की प्रक्रिया पूरी होगी तब तक बजरी पर रोक हट जाएगी, उसके बाद भी काम शुरू करेंगे।
आंकड़ों में बात
- २ शिलान्यास और उद्घाटन औसतन हर सप्ताह
- २५ से अधिक लाइव टैंडर अब तक इस साल में
- ४५ करोड़ से अधिक सडक़-डिवाइडर पर खर्च
- १०० से अधिक सडक़ों की मरम्मत होगी
Published on:
09 Jun 2018 08:45 pm
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