
छत पर रोशनी के साथ पटाखें फोडऩे से खतरनाक स्तर पर पहुंचा गया था प्रदूषण, अब फिर आया हवा में सुधार
गजेंद्रसिंह दहिया/जोधपुर. दो दिन पहले रविवार रात 9 बजे सूर्यनगरी के लोगों ने छत पर दीपक, मोमबती व टॉर्च जलाने के साथ आसमान में पटाखे भी फोड़े। करीब आधे घंटे तक पटाखे जलाने से सूर्यनगरी की हवा प्रदूषित हो गई। हवा में धूल कण यानी पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) काफी बढ़ गया। पीएम-2.5 का स्तर 331 तक जा पहुंचा था जो खतरनाक होता है। इससे सामान्य लोगों को भी श्वसन रोगों का खतरा रहता है। अगले दिन सोमवार को प्रदूषण में कुछ सुधार हुआ लेकिन यह हवा भी श्वसन रोगियों के लिए स्वच्छ नहीं थी। मंगलवार को जाकर हवा के स्तर में सुधार आया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए प्रकाश के महत्व के आधार पर 5 अप्रेल की रात 9 बजे से नौ मिनट तक दीया, मोमबती, टॉर्च व मोबाइल की टॉर्च लगाकर रोशनी करने को कहा था। देश के अन्य शहरों की तरह जोधपुर में भी लोगों ने रोशनी के साथ पटाखे छोड़कर दिवाली सा माहौल कर दिया। शहर के आसमान में बड़े-बड़े पटाखे नजर आए, जिनसे फैले धुएं ने हवा प्रदूषित कर दी।
एक्यूआई 64 था, पटाखा छोडऩे से 152 पर पहुंचा
चार अप्रेल को जोधपुर का वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) का स्तर 68 माइक्रोग्राम प्रति मीटर था जो 5 अप्रेल को 152 पहुंच गया। 6 अप्रेल को यह 124 पर आया और 7 अप्रेल की शाम तक 93 पर पहुंचा। एक्यूआई में सर्वाधिक योगदान पीएम-2.5 व पीएम-10 का था। गौरतलब है कि एक्यूआई 0 से 50 का स्तर अच्छा, 51 से 100 मध्यम, 101 से 150 संवदेनशील लोगों के लिए हानिकारक, 151 से 200 सभी के लिए खराब होता है। 301 से 500 का स्तर खतरनाक माना गया है।
वायु गुणवत्ता मापक
तिथि------- एक्यूआई
4 अप्रेल -------68
5 अप्रेल -------152
6 अप्रेल -------124
7 अप्रेल -------80
जोधपुर में वायु प्रदूषण का स्तर
पीएम 2.5--पीएम 10--नाइट्रोजन डाई ऑक्साड-सल्फरडाईऑक्साइड- कार्बनमोनोक्साइड-ओजोन
4 अप्रेल -----64 -------68 -------26 -------10-------21-------41
5 अप्रेल------152-------119-------30-------6-------17-------65
6 अप्रेल------124 -------103-------28-------7-------24-------62
7 अप्रेल------80---------93-------20-------4 -------20-------61
Updated on:
08 Apr 2020 12:54 pm
Published on:
08 Apr 2020 12:54 pm
