
फलोदी. कुरजां के पड़ाव स्थलों के दौरे पर आए उपवन संरक्षक।
दरअसल कुरजां की मौत के बाद तीन पक्षियों के शव पोस्टमार्टम के लिए जोधपुर भेजे गए थे तथा वहां पक्षियों के शव का मेडीकल बोर्ड द्वारा किए गए पोस्टमार्टम की रिपोर्ट तैयार हो गई है। इस रिपोर्ट में कुरजां की मौत के कारण साफ नहीं हो पाए है। वहीं दूसरी उप वन संरक्षक वन्यजीव ने गुरुवार को खीचन में कुरजां के पड़ाव स्थलों का दौरा किया।
स्पष्ट नहीं हो पाए मौत के कारण-
माचिया बायोलॉजिकल पार्क जोधपुर में कुरजां के शव का मेडीकल बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम किया गया था। इसके बाद मेडीकल बोर्ड के वन्यजीव चिकित्सक डॉ. श्रवणसिंह, डॉ. विपिन गुप्ता व डॉ. विठलेस व्यास ने रिपोर्ट तैयार कर दी है। डॉ. श्रवणसिंह ने बताया कि यहां तीन कुरजां के शव भेजे गए थे। जिनका बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम किया गया। इसके बाद रिपोर्ट बना दी गई है। पोस्टमार्टम में कुरजां के सभी अंग सही पाए गए है तथा पक्षियों के पेट में खाना भरा हुआ था। यदि पक्षी पहले से बीमार होता तो इनके पेट खाना होने की संभावना कम रहती है। पोस्टमार्टम में पक्षियों की मौत के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए है।
भारत की ३ नामचीन लैब में भेजे है सैंपल-
डॉ. श्रवण सिंह ने बताया कि कुरजां के विसरा के सैंपल देश के नामचीन लैब में भेजे गए है। जहां सैंपल की प्रासेसिंग व जांच रिपोर्ट आने में कुछ समय लग जाता है तथा यह रिपोर्ट आना शेष है। ये सैंपल भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून, सलीम अली पक्षी विज्ञान केन्द्र अन्नाईकटी कोयम्बटूर व एक अन्य प्रयोगशाला में भेजे गए है। इन लैब से रिपोर्ट आने के बाद कुरजां के मौत कारणों का खुलासा होगा।
उपवन संरक्षक ने किया दौरा -
कुरजां की मौत के बाद गुरुवार को उपवन संरक्षक वन्यजीव महेश चौधरी ने पक्षी प्रेमी सेवाराम माली के साथ कुरजां के पड़ाव स्थलों का दौरा किया तथा लोगों से जानकारी ली। साथ ही नलकूप वाले इलाकों में जाकर किसानों को पक्षियों के संरक्षण में सहयोग करने की अपील की। साथ ही कीटनाशकों के न्यूनतम उपयोग करने व कीटनाशक युक्त दाने को खुला नहीं रखने का आग्रह किया। (कासं)
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Updated on:
29 Nov 2019 10:03 am
Published on:
29 Nov 2019 10:03 am
