
जोधपुर. शहर में आगामी 20 नवंबर को मनाया जाने वाले छठ मां पूजा की तैयारियां शुरू हो गई है। बासनी क्षेत्र में रहने वाली बिहार, झारखण्ड, महाराष्ट्र के बाद अब राजस्थान की महिलाओं में छठ मां पूजा को लेकर बहुत ही उत्साह बना हुआ है। चार दिनों तक चलने वाले इस पवित्र त्यौहार के लिए महिलाओं की ओर से अखण्ड व्रत रखकर छह छठ मईया की आराधना की जाती है। भगवान सूर्य को समर्पित इस पूजा में सूर्य को अध्य्र दिया जाता है। इस पर्व में शरीर एवं मन को पूरी तरह साधना से किया जाता है इसलिए इस पर्व को हठयोग भी कहा जाता है। इस पूजा से वर्ष भर परिवार में कष्टों से निवारण होता है। पहले दिन नहाय खाय से छठ पूजन आरंभ होगा। इस दिन महिलाएं व पुरुष नदी-पोखरे में स्नान करते हैं। चावल, चने की दाल बनाई जाती है। इस दिन विशेष तौर पर कद्दू की सब्जी और पकवान बनाए जाते हैं। दूसरे दिन गुरुवार को खरना होगा, जिसमें महिलाएं व पुरुष उपवास रखते हैं। इस दिन शाम के समय प्रसाद बनाया जाता है। चावल, दूध के पकवान के साथ ही फल व सब्जियों से पूजा की जाती है। तीसरे दिन शुक्रवार की शाम महिलाएं निर्जला व्रत रखकर ढलते हुए सूर्य का अर्घ्य देंगी। इसके बाद अगले दिन उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है।
Updated on:
17 Nov 2020 06:45 pm
Published on:
17 Nov 2020 06:45 pm
