
प्राचीन गांव कुलधरा में निर्माण गतिविधियों पर रोक
जोधपुर.
राजस्थान हाईकोर्ट ने गुरुवार को जैसलमेर जिले के प्राचीन गांव कुलधरा में निर्माण गतिविधियों पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी।
कोर्ट ने जैसलमेर जिला कलक्टर तथा पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के निदेशक को 22 फरवरी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होन के आदेश दिए हैं।
वरिष्ठ न्यायाधीश संगीत लोढ़ा और न्यायाधीश दिनेश मेहता की खंडपीठ ने सुनील पालीवाल की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई में गुरुवार को कलक्टर व पुरातत्व निदेशक को तलब किया गया था। सुनवाई के दौरान बताया गया कि जैसलमेर कलक्टर 16 फरवरी को वायुसेना के युद्धाभ्यास में राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री की संभावित यात्रा के मद्देनजर उपस्थित नहीं हो पाए।
कोर्ट ने हाजिरी माफी के प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए अगली तारीख पर दोनों अफसरों को हाजिर रहने को कहा।
कोर्ट ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए महाधिवक्ता एमएस सिंघवी को भी कोर्ट में सरकार का पक्ष रखने के लिए उपस्थित रहने की इच्छा जाहिर की। याचिका में कहा गया है कि ऐतिहासिक महत्व के 200 साल पुराने कुलधरा गांव में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार करने की आड़ में पुराने भग्नावेषों के साथ छेड़छाड़ की गई है।
कई खंडहरों को तोड़ा जा चुका है और नए निर्माणों में वाणिज्यिक गतिविधियां शुरू किए जाने की योजना है।
Published on:
15 Feb 2019 02:18 am
