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पर्यावरण विनाश से खतरे में वन्यजीवों का अस्तित्व, बचाने के लिए प्रयास जरूरी

- वन्यजीवों को बचाने समन्वित प्रयास हो : मुख्य वन संरक्षक- 67वें वन्यप्राणी सप्ताह के अंतिम दिन पारितोषिक वितरण
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पर्यावरण विनाश से खतरे में वन्यजीवों का अस्तित्व, बचाने के लिए प्रयास जरूरी

पर्यावरण विनाश से खतरे में वन्यजीवों का अस्तित्व, बचाने के लिए प्रयास जरूरी

जोधपुर. वन्यजीवों की सुरक्षा एवं उनके संरक्षण के उद्देश्य से लेकर आयोजित 67वें वन्यप्राणी सप्ताह का समापन व पारितोषिक वितरण समारोह गुरुवार को माचिया जैविक उद्यान परिसर में किया गया। मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) बेगाराम जाट ने कहा कि लगातार पर्यावरण विनाश से वन्यजीवों का अस्तित्व खतरे में है।

पर्यावरण के महत्वपूर्ण अंग वन्यजीवों को यदि नहीं बचाया गया तो इसके गंभीर दुष्परिणाम का खामियाजा सभी को भुगतना पड़ेगा। इसके लिए हम सभी को समन्वित प्रयास की आवश्यकता है। वनविभाग वन्यजीव प्रभाग एवं वाईल्ड लाईफ रिसर्च एण्ड कन्जर्वेशन अवेयरनेस सेन्टर, जेएनवीयू के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित वन्यप्राणी सप्ताह के दौरान आयोजित चित्रकला निबंध आदि प्रतियोगिता में प्रतिभागी रहे।

विभिन्न स्कूलों के विजेता प्रतिभागियों को विशिष्ट अतिथि उपवन संरक्षक संदीप छलानी, अमित चौहान उपवन संरक्षक, वन्यजीव जोधपुर विजय बोराणा ने प्रमाण पत्र, पुरस्कार व पारितोषिक प्रदान किए। समारोह में श्रेष्ठ सेवाएं देने वाले माचिया जैविक उद्यान के केयरटेकर्स व जोधपुर जिले में वन्यजीवों के रेस्क्यू में सहयोगी वन्यजीव प्रेमियों को अतिथियों ने पुरस्कार प्रदान किए। कार्यक्रम में डॉ. हेमसिंह गहलोत, ओमप्रकाश लोल, ललित पालीवाल ने संबोधित किया।

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