
जोधपुर. चुनाव आयोग की ओर से नई इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के लिए जोधपुर में स्ट्रांग रूम बनाया गया है। ईवीएम मिलने के बाद इंजीनियर्स और सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में इनकी एफएलसी जांच की जा रही है। जिला कलक्टर रविकुमार सुरपुर ने सोमवार दोपहर संवाददाताओं को बताया कि जिले में तीन हजार 770 बैलेट यूनिट्स व तीन हजार 141 कन्ट्रोल यूनिट आई थी। फ स्र्ट लेवल चेकिंग के अन्तर्गत 5 कन्ट्रोल व 7 बैलेट यूनिट्स में कमियां पाई गई। इनको सुधारने के लिए भारतीय हैवी इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड में सुधार के लिए भेजा जा चुका है। इस प्रकार प्राप्त कुल ईवीएम मशीनों में बीयू में 0.18 और सीयू में 0.73 प्रतिशत यानि एक प्रतिशत से भी कम त्रुटियां पाई गई हैं। जिला कलक्टर ने बताया कि फस्र्ट लेवल चेकिंग के दौरान ईवीएम ट्रेकिंग सॉफ्टवेयर से मशीनों को परखा गया।
ईवीएम में बैलेट यूनिट और कंट्रोल यूनिट दो पार्ट होते है। दोनों का मिलान करने से पहले उनकी जांच कर गड़बड़ी का पता लगाया जाता है। निर्वाचन आयोग की ओर से प्रत्येक जिले में स्ट्रांग रूम का निर्माण करवाया गया है। जहां तकनीकी अभियन्ताओं व राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में ईवीएम की फ स्र्ट लेवल चेकिंग की जा रही है। जोधपुर में ईवीएम जांच के दौरान किसी भी राजनीतिक दल की ओर से अविश्वास नहीं जताया है। जिला कलक्टर ने कहा कि निर्वाचन आयोग संविधान के तहत जो चुनाव प्रक्रिया पूरी की जाती है, उस पर विश्वास कायम करना हमारा उद्देश्य है। आमजन को विश्वास रखना होगा कि न तो इसमें छेडख़ानी की जा सकती है और न ही किसी के वोट बढ़ाए या घटाए जा सकते हैं। जोधपुर में ईवीएम जांच के दौरान किसी भी राजनीतिक दल की ओर से अविश्वास नहीं जताया गया है।