
RAILWAY-- 'बैसाखीÓ वालों का सहारा नहीं बन सका रेलवे
जोधपुर।
सरकार एक ओर स्टेशनों पर दिव्यागों के अनुकूल वातावरण बनाने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर रेलवे विभाग स्टेशनों पर 'बैसाखीÓ या पैरों से विकलांग, लकवा रोगियों को प्रताडि़त करने में बिल्कुल पीछे नहीं रहता। ताजा मामला तीन दिन पूर्व शनिवार की शाम का है, जब जोधपुर से दिल्ली सराय जाने वाली ट्रेन जोधपुर रेल मण्डल के रेण स्टेशन पर मुख्य प्लेटफ ॉर्म पर पहुंची, वहीं लाइन नम्बर दो पर पहुंची इंदौर- जोधपुर सुपरफ ास्ट। ऐसे में अनेक लकवा पीडि़तों सहित आम यात्रियों को इंदौर-जोधपुर सुपरफ ास्ट में बैठने के लिए बहुत तकलीफें झेलनी पड़ी। जबकि रेण स्टेशन पर लगभग दो साल से क्रॉसिंग पर रोक है ।
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राज्य मानवाधिकार आयोग में दिया था यह जवाब
रेण स्टेशन पर लकवा रोगियों को हो रही दिक्कतों के सम्बन्ध में आरटीआइ कार्यकर्ता दीनदयाल बंग ने राज्य मानवाधिकार आयोग को पत्र लिखा था। जिसके जवाब में रेलवे ने राज्य मानवाधिकार आयोग को कहा था कि स्टेशन पर दो सवारी गाडिय़ों का निर्धारित कोई क्रॉसिंग नहीं है ।
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हाईकोर्ट ने मूलभूत सुविधाएं पूरी करने का दिया आदेश
रेण स्टेशन पर लकवा रोगियों को हो रही समस्याओं के सम्बन्ध में बंग ने राजस्थान उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की थी। 7 जनवरी को आए फैसले में लकवा रोगियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का आदेश दिया है।
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जोधपुर कंट्रोल के आदेश क्रमांक 60 के अनुसार क्रॉसिंग करवाया ।
दिनेशचंद्र मीना, स्टेशन मास्टर
रेण
Published on:
09 Mar 2021 04:53 pm
