9 अगस्त 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अपने ही गढ़ में धराशायी ‘राजस्थानीÓ

    प्रदेश के 63 स्कूल में राजस्थानी सब्जैक्ट
less than 1 minute read
Google source verification
अपने ही गढ़ में धराशायी 'राजस्थानीÓ

अपने ही गढ़ में धराशायी 'राजस्थानीÓ

जोधपुर. एक तरफ जहां राजस्थानी को मान्यता दिलाए जाने की बातें चल रही है। वहीं राजस्थानी अपने घर में ही उपेक्षित हालातों में है। प्रदेश की बात की जाए तो राजस्थानी सब्जैक्ट महज 63 स्कूलों में हैं। इनमें से 13 जगहों पर पोस्टें खाली पड़ी है। राजस्थान में राजस्थानी पढऩे वाले विद्यार्थी हजार भी नहीं है। सरकार की ओर से भी राजस्थानी सब्जैक्ट को बढ़ावा दिए जाने के किसी प्रकार से प्रयास नहीं हो रहे है। ये भी बड़ा कारण हैं कि राजस्थानी उपेक्षित है। उल्लेखनीय हैं कि प्रदेश में 14790 स्कूल सैकंडरी सेटअप के हैं।

19 जिलों की स्कूलों में राजस्थानी सब्जैक्ट ही नहीं

प्रदेश के 19 जिलों की सैकड़ों स्कूलों में राजस्थानी सब्जैक्ट ही नहीं है। अजमेर, अलवर, बारां, बांसवाड़ा, भरतपुर, भीलवाड़ा, चितौडगढ़़, चूरू, दौसा, धौलपुर, डूंगरपुर, झालावाड़, झुंझुनूं, करौली, कोटा, राजसमंद, सवाईमाधोपुर, सीकर व सिरोही जिले में राजस्थानी सब्जैक्ट एक भी स्कूल में नहीं है।

जिला- स्वीकृत - कार्यरत

बाड़मेर-13-10

बीकानेर-5-2

बूंदी-1-1

गंगानगर-6-5

हनुमानगढ़-6-4

जयपुर-1-1

जैसलमेर-1-0

जालोर-14-14

जोधपुर-8-7

नागौर-4-3

पाली-1-1

प्रतापगढ़-1-1

टोंक-1-0

उदयपुर-1-1

-------

इनका कहना

रीट के अंदर राजस्थानी शामिल कर दी जाए तो अपनेआप इस सब्जैक्ट का रूझान बढ़ेगा। राजस्थान प्रशासनिक सेवा परीक्षा में भी राजस्थानी शामिल किया जाना चाहिए।

नंदलाल स्वामी, सदस्य, राजस्थानी विषय प्राध्यापक संघ, हनुमानगढ़

जिन विद्यालयों से अतिरिक्त विषय के प्रस्ताव आते है, हम निदेशालय को भेजते है। स्कूलों से मांग आने पर आवश्यक कार्रवाई के लिए आगे अभिशंषा करेंगे।

- प्र्रेमचंद सांखला, संयुक्त निदेशक, स्कूल शिक्षा, जोधपुर मंडल

बड़ी खबरें

View All

जोधपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग