9 अगस्त 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

राजस्थान में चना-सरसों की सरकारी खरीद पंजीयन 13 से, बॉयोमेट्रिक सत्यापन जरूरी

-13 मार्च से राजफैड के जरिए शुरू होगा खरीद के लिए पंजीयन-एक अप्रेल से शुरू होगी खरीद
2 min read
Google source verification

जोधपुर.
राजस्थान राज्य सहकारी क्रय विक्रय संघ लिमिटेड (राजफैड) की ओर से प्रदेश भर में सरकारी दर यानि समर्थन मूल्य पर दलहन-तिलहन कृषि जिन्सों की खरीद प्रक्रिया के लिए पंजीयन 13 मार्च से शुरू किया जाएगा। कृषि जिन्सों की खरीद की प्रक्रिया 1 अप्रेल से शुरू होगी। लेकिन राजफैड खरीद केन्द्रों पर सरसों व चना बेचने से पहले किसानों को पंजीकरण में अपना बॉयोमेट्रिक सत्यापन करवाना पड़ेगा। राजफैड ने ऑनलाइन खरीद प्रक्रिया के तहत बिन्दु जारी किए हैं। जिसकी पालना करने से ही किसान अपने कृषि जिन्स सरकारी खरीद केन्द्रों पर बेच पाएंगे। गौरतलब है कि कोटा संभाग में संघ की ओर से समर्थन मूल्य पर सरसों व चना की खरीद का पंजीयन 7 मार्च से ही शुरू कर दिया था। शेष जिलों में खरीद प्रक्रिया का पंजीयन 13 मार्च से शुरू किया जाएगा। कोटा संभाग में सरसों की खरीद 15 मार्च तथा चना की खरीद 25 मार्च से की जाएगी। जबकि प्रदेश के शेष संभागों में यह खरीद एक अप्रेल से शुरू की जाएगी। ज्ञात है कि सरकार ने सरसों का समर्थन मूल्य 4200 व चना का समर्थन मूल्य 4620 रुपए निर्धारित कर रखा है। जोधपुर जिले में राजफैड के 9 खरीद केन्द्रों पर चना व सरसों की खरीद की जाएगी।
ऐसे करवाना होगा पंजीकरण-
-सरसों व चना बेचने के इच्छुक किसान संबंधित क्रय-विक्रय सहकारी समिति, ग्राम सेवा सहकारी समिति अथवा ई-मित्र पर पंजीकरण करवा सकेंगे। किसान द्वारा करवाए जाने वाले प्रत्येक पंजीकरण पर निर्धारित शुल्क अदा करना होगा।
दस्तावेज व नियम जरूरी-
-पंजीकरण के लिए एक भामाशाह कार्ड पर एक ही पंजीकरण मान्य होगा।
-भामाशाह कार्ड में सीडेड बैंक खाते में विक्रय की गई जिन्स का भुगतान का कृषक को खाते का अद्यतन करवाना होगा।
-आधार आधारित बॉयोमेट्रिक अभिप्रमाण के पश्चात ही पंजीकरण हो सकेगा।
-जिस किसान के नाम गिरदावरी होगी, उसका ही पंजीयन किया जाएगा। गिरदावरी में परिवर्तन संशोधन मान्य नहीं होगा। गिरदावरी में रकबा अंकों व शब्दों दोनों में अंकित होना जरूरी है।
-जमाबंदी के आधार पर पंजीकरण मान्य नहीं होगा।
-बटाईदार की स्थिति में कृषि भूमि मालिक एवं बटाईदार के मध्य फसल बुआई के समय का अनुबंध होना जरूरी है। लेकिन दोनों को भामाशाह व आधार कार्ड साथ रखना जरूरी है।
-किसान की ओर से उपलब्ध कराए गए मोबाइल नम्बर से एक ही बार पंजीकरण किया जा सकेगा।
-कृषि विभाग से प्राप्त जिलेवार उत्पादन के 25 प्रतिशत मात्रा के आधार पर अधिकतम 25 क्विटंल जिन्स की खरीद कृषक संख्या का 120 प्रतिशत तक जिलेवार पंजीयन किया जाएगा।
किसान नेता बोले, शर्तों में उलझेंगे किसान-
जोधपुर जिले के किसान नेता अजीत कच्छवाहा (मथानिया) का कहना है कि ऑनलाइन खरीद प्रक्रिया से पारदर्शिता जरूर आएगी, लेकिन खरीद केन्द्रों पर संसाधन बढऩे चाहिए। बटाईदार व किसान के मध्य 6 महीने पहले का एग्रीमेंट की शर्त समाप्त होनी चाहिए। नियम के अनुसार प्रति बीघा 2 किवटल खरीद का प्रावधान रखा है जबकि तिंवरी -मथानिया क्षेत्र में 4-5 किवटल प्रति बीघा चना व सरसों उत्पादन हो रहा हैं। ऐसे में किसान अपना आधा माल कहां बेचेंगे। साथ ही बॉयोमेट्रिक में जिन किसानों के फिंगर प्रिन्ट नहीं आ पाएंगे, उनको ऑटीपी के जरिए खरीद का मौका देना चाहिए। ताकि किसान परेशान न हों।

बड़ी खबरें

View All

जोधपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग