
Raksha Bandhan festival : Sisters tied rakhies on brothers's wrists
जोधपुर. भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का पर्व रक्षा बंधन ( Raksha Bandhan ) गुरुवार को मनाया जा रहा है। इस बार रक्षाबंधन पर विवाहित बहनें अपने पीहर में भाई-भाभी को बिना दौड़ धूप के सहज रूप से राखी बांधी ( Sisters tied rakhies on brothers's wrists )। पर्व के दिन भद्रा का साया नहीं रहा । पं. ओमदत्त शंकर ने बताया कि रक्षाबंधन पर सुबह 6.14 से 7.51 बजे तक शुभ वेळा के बाद दोपहर में अभिजीत समय 12.16 से से 1.08 बजे तक रहा तथा लाभ अमृत वेळा दोपहर 12.42 से अपराह्न 3.57 बजे तक रही। वहीं शाम 5.34 से 7.01 बजे तक का समय भी रक्षा सूत्र बांधने के लिए शुभ माना गया।
कई तरह की राखियों से सजा बाजार
राखी के त्योहार पर मार्केट में बच्चों के लिए नई डिजाइन में तिरंगा राखी की भरमार रही तो बड़ों के लिए खास चूड़ी और इको फ्रेंडली ब्रेसलेट वाली राखियां भी खास रहीं। इस बार टे्रडिशनल राखी की जगह फैंसी राखियों ने ले ली है। सरदारपुरा बी रोड स्थित राखी विक्रेता विकास सिंघवी ने बताया कि हमेशा दिखने वाले रेशमी धागे, मोती जड़ी राखियां, चमकते सितारे वाली राखिया खरीदी गईं। सिर्फ ट्रेंड बदला है, अन्य राखियां भी हैं।
तिरंगा राखी
इस बार स्वतंत्रता दिवस और राखी एक ही दिन होने से मार्केट में बच्चों को तिरंगा राखी अच्छी लगी। तिरंगे के डिजाइन में यह राखी दिखने में बेहद खूबसूरत है। कार्टून कैरेक्टर के बाद बच्चों को यह डिजाइन खूब भाया। राखी राउंड शेप में ही मिली, बस इसमें तिरंगे के सारे कलर्स यूज किए गए हैं। इससे यह कलरफुल भी हो गई है। पांच से छह साल के बच्चों के बीच खिलौने व कार्टून कैरेक्टर की पिकाचु, स्पाइडरमैन, बैटमैन, नॉडी ऐंड जेरी व छोटा भीम जैसी राखियां फेमस खास पसंद रही।
मोती-जरी व जरदोजी राखी
इस बार रक्षाबंधन पर बड़ों के लिए सफेद मोती, फैंसी जरी वाली राखियां और जरदोजी वाली राखियां भी बंधी हुई दिखाई दीं। ये दिखने में सोबर के साथ-साथ अट्रैक्टिव भी लगीं। इन पर किया गया रंगीन मेटल, स्टोन, कुंदन और नग का काम पिछले वर्ष के मुकाबले ज्यादा बेहतर रहा।
चूड़ी राखी
भाइयों की कलाइयों पर चूड़ी राखी भी नजर आई। नया डिजाइन होने की वजह से हर किसी को अट्रैक्ट कि या। ये राखियां बाकी राखियों की तरह जल्दी खराब नहीं होती और मेनटेन करने में भी काफी आसानी रहीं, जिससे ज्यादा देर तक कलाई पर टिकी रहीं। ये दिखने में बेहद खूबसूरत थीं और इन्हें राखी फेस्टिवल खत्म होने के बाद भी पहना जा सकता है।
लुम्बे राखी
लुम्बे में इस बार बहुत सारी वैरायटी मौजूद रहीं। घुंघरू, लाख, राजस्थानी मिरर वर्क और शीशों से सजे लुम्बे भी मार्केट में खूब आए और भाइयों की कलाइयों पर बंधे और सजे। इनमें कलर्ड स्टोन, कुंदन वर्क व कलर्ड बीड्स का इस्तेमाल किया गया। वहीं, सेमी प्रीशियस टोंस से सजे लुंबे में भी भाइयों की कलाइयों पर शानदार डिजाइंस की राखियां दिखीं। राखी के बाद में ब्रेसलेट के तौर पर भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
राशि के आधार पर बनीं राखी
राशि के आधार पर बनी राखियां भी मार्केट में आई, जिन्हें अपने भाई की राशि के अनुसार खरीदकर बांध गया। इन राखियों में राशि को ध्यान में रख स्टोन यूज किया गया है। इसके अलावा, ब्रेसलेट राखी भी महिलाओं को बहुत पसंद आईं। ब्रेसलेट राखी में क्रिस्टल व स्टोन यूज किया गया।
Published on:
15 Aug 2019 04:11 pm
