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रवि योग में मनेगी रामनवमी, रात्रि में चक्र समान रहेगी नक्षत्र की स्थिति

चन्द्र, शुक्र व शनि रहेंगे वर्गोत्तम, महाअष्टमी पर आज घट स्थापित घरों में होंगे हवन
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रवि योग में मनेगी रामनवमी,  रात्रि में चक्र समान रहेगी नक्षत्र की स्थिति

रवि योग में मनेगी रामनवमी, रात्रि में चक्र समान रहेगी नक्षत्र की स्थिति

जोधपुर. आद्यशक्ति की आराधना-उपासना के पर्व नवरात्र की अष्टमी मंगलवार को घरों में मनाई जाएगी। मां भगवती के उत्पत्ति दिवस पर घट स्थापित घरों व मंदिरों में हवन किए जाएंगे। मेहरानगढ़ स्थित चामुण्डा मंदिर में चैत्र नवरात्र में सरकार व प्रशासन की गाइडलाइन व निर्देशानुसार मंदिर के प्रवेश दर्शनार्थियों के लिए पूरी तरह बंद रहेंगे। नक्षत्र मेखला की गणनानुसार इस बार रामनवमी चैत्र शुक्ल नवमी तिथि बुधवार के दिन उदय काल में पुष्य नक्षत्र तथा जन्म के समय श्लेषा नक्षत्र के योग में आ रही है । इसी दिन शूल योग बालवकरण कर्क राशि का चंद्रमा रहेगा । ज्योतिषियों के अनुसार चैत्र शुक्ल नवमी पर दोपहर 12 बजे भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव की मान्यता है । हर वर्ष ग्रह गोचर में ग्रहों के अलग अलग घटनाएं आती हैं, किंतु इस बार गणना का मापदंड अलग प्रकार का है । सबसे मुख्य बात यह कि ग्रहों की स्थिति अलग -अलग राशि अनुक्रम से सहयोग करती हुई दिखाई देती है । यह स्थिति साधना के मान से श्रेष्ठ मानी जाती है, जिसका परिणाम आने वाले समय में दिखाई देगा ।

रामनवमी के दिन चंद्र कर्क राशि में
भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंच महापुरुष योग का उल्लेख है । इनमें से केद्र में उपस्थित स्वराशि ग्रह या जो ग्रह अपनी राशि में हो अथवा उच्च गत हो , ऐसे ग्रह पंच महापुरुष योग के अंतर्गत आते हैं । रामनवमी के दिन चंद्र कर्क राशि में , शनि मकर में एवं शुक्र मेष राशि में होने से यह वर्गोत्तम के साथ केन्द्राधिपति योग भी बना रहे है।

बाधा - व्याधि के निवारण के लिए करें अनुष्ठान
मान्यता एवं राम स्मृति दर्शनों में अलग - अलग प्रकार से श्रीराम की उपासना का उल्लेख दिया गया है , जो सांसारिक जीवन में हर प्रकार से संकट निवृत्ति विशेष के लिए लाभकारी माना जाता है । इनमें से विशेष पाठ इस प्रकार हैं , जो आपके संकल्प को सफलता दे सकते हैं ...
सर्वाधिक रक्षा के लिए : श्रीरामरक्षास्तोत्रम व जटायु कृत रामस्तोत्रम
पद वृद्धि के लिए : इंद्र कृत श्रीरामस्तोत्रम व श्रीराम मंगला शासनम
आपसी प्रेम व सौहाद्र्र के लिए : श्रीराम प्रेमाष्टकम व श्री सीतरामष्टकम
पारिवारिक शांति के लिए : वाल्मीकि रामायण कृत अयोध्या कांड
व्याधि नाश के लिए : अरण्यकांड

नक्षत्र मंडल में बनेगी चक्र की आकृति
रामनवमी की रात्रि में नक्षत्र मंडल में चक्र की आकृति बनेगी । नक्षत्र मेखला की गणनानुसार देखें तो इस बार रामजी के जन्म के समय दोपहर 12 बजे अश्लेषा नक्षत्र रहेगा । इस बार यह स्थिति गणनानुसार देखें तो नक्षत्र मंडल में चक्र के समान रहेगी । शास्त्र में इसका आकार चक्र के समान बताया गया है ।

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