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8 सालों से अटकी है मनरेगा ग्राम रोजगार सहायकों की भर्ती

- पंचायतीराज कनिष्ठ लिपिक भर्ती 2013 को पूरी करने की फिर से उठी मांग - नियमित होने की आस में अल्प मानदेय पर कर रहे हैं कई वर्षों से काम
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जोधपुर

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Amit Dave

Jun 11, 2021

8 सालों से अटकी है मनरेगा ग्राम रोजगार सहायकों की भर्ती

8 सालों से अटकी है मनरेगा ग्राम रोजगार सहायकों की भर्ती

जोधपुर।

वर्ष 2013 में सभी जिला परिषदों की ओर से कनिष्ठ लिपिकों के 19725 पदों पर सीधी भर्ती विज्ञप्ति जारी की गई थी। इनमें से 10 हजार पदो पर भर्ती पूरी हो गई थी। शेष अभ्यर्थियों की भर्ती प्रक्रिया अभी भी अटकी हुई है।महात्मा गांधी नरेगा योजना में 12 साल पहले ग्राम पंचायतों में लगे ग्राम रोजगार सहायक 8 हजार के अल्प मानदेय में नरेगा योजना में महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। इन कार्मिकों को नियमित करने के लिए 8 साल पहले 2013 में पंचायतीराज कनिष्ठ लिपिक भर्ती निकली थी, लेकिन इसमें आधे पद ही भर पाए। ज्यादातर नरेगा संविदा कार्मिक भर्ती प्रक्रिया में पीछे रह गए। इसके बाद भर्ती प्रक्रिया न्यायालय में अटक गई। न्यायालय निर्णय के बाद भर्ती प्रक्रिया 2015 में पुन: शुरू की गई। पिछले कई सालों में कई बार भर्ती प्रक्रिया को पूर्ण करने के लिए कैलेंडर जारी हुए लेकिन विभाग कोई ना कोई बहाना बनाकर भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाता। ऐसे में हजारों नरेगा संविदाकर्मी नियमित होने के आस में कई वर्षों से अल्प मानदेय में कार्य कर रहे हैं।

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प्रदेशस्तरीय आंदोलन करेंगे

जोधपुर नरेगा कार्मिक संघ जिलाध्यक्ष प्रतापराम धांधू ने बताया कि आगामी सप्ताह में प्रदेश लेवल से रणनीति तैयार कर बड़ा प्रदेश स्तरीय आंदोलन आयोजित कर आगामी रणनीति तैयार की जाएगी। सरकार समय रहते पंचायतीराज एलडीसी भर्ती पूर्ण नहीं करती है, तो हजारों संविदा कर्मचारियों के साथ कुठाराघात होगा।

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