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ऑनलाइन कारोबार की चुनौती को टक्कर देने के लिए तैयार रिटलेर्स

- कोरोना की मार खा चुके रिटेलर्स को फेस्टिवल सीजन में अच्छे कारोबार की उम्मीद- श्राद्ध पक्ष में शुरू कर देंगे तैयारी
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जोधपुर

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Amit Dave

Sep 22, 2021

ऑनलाइन कारोबार की चुनौती को टक्कर देने के लिए तैयार रिटलेर्स

ऑनलाइन कारोबार की चुनौती को टक्कर देने के लिए तैयार रिटलेर्स

जोधपुर।
कोरोना काल में भारी आर्थिक नुकसान झेल चुके छोटे रिटेलर्स ने नवरात्रि से शुरू हो रहे फेस्टिव सीजन के लिए तैयारी कर ली है, इसको देखते हुए व्यापारी श्राद्ध पक्ष में तैयारियां शुरू कर देंगे। एक ओर ऑनलाइन कम्पनियों ने त्योहारों को देखते हुए जमकर नियुक्तियां की है तो वहीं दूसरी ओर रिटेलर्स ने भी होम डिलीवरी, बंपर छूट, डिजीटल पेमेंट्स और तुरन्त सर्विस जैसी सुविधाओं के दम पर ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित किया है। खुदरा संगठनों का कहना है कि कोरोनाकाल के संकट और ऑनलाइन कंपनियों की मनमानी ने बहुत कुछ सिखाया है। बड़ी कंपनियों से सीख लेकर रिटेलर्स ग्राहकों का डेटा बनाना, फीडबैक लेना और ऑफर्स की जानकारी देना जैसे नवाचार कर रहे है। इसकी बदौलत इस फेस्टिव सीजन में उन्हें अच्छी ग्रोथ की उम्मीद है।
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बेस्ट ऑफर और डील देने की तैयारी
ऑफलाइन रिटेलर्स कोरोना की तीसरी लहर को लेकर चिंतित है क्योंकि कोरोना के कारण माल डिलीवरी और सप्लाई चेन में आने वाली परेशानी से यूजर ऑनलाइन शॉपिंग पर शिफ्ट हो गए थे। लेकिन इसके बावजूद रिटेलर्स ग्राहकों को वाउचर्स, मेम्बरशिप और फ्री सर्विस देकर लुभा रहे है।
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ई-कॉमर्स का लक्ष्य खास समृद्ध समुदाय पर
बाजार में मौजूद ई-कॉमर्स कंपनियां देश में सिर्फ चार से पांच करोड़ लोगों तक ही अपनी सेवा पहुंचा पा रही है। जबकि ऑफलाइन खुदरा बाजार में अब भी काफी संभावनाएं है। आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि ई-कॉमर्स कंपनियों का लक्ष्य और ध्यान एक खास समृद्ध समुदाय पर है, न कि मध्य वर्ग पर । इसी तरह देश में करोड़ों छोटे खुदरा विक्रेता है, जिनमें से कुछ प्रतिशत ही ई-कॉमर्स उद्योग का हिस्सा बन सके है।
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35-40 करोड़ रोजाना का कारोबार
एक अनुमान के मुताबिक फेस्टिव सीजन में जोधपुर में रोजाना 35-40 करोड़ का रिटेल कारोबार होता है। इसमें मोबाइल फोन, कंज्यूमर प्रोडक्ट, किराना, कपड़े, फर्नीचर, ज्वैलरी आदि कई उपभोक्ता उत्पाद शामिल है। लेकिन ऑनलाइन कंपनियों की भारी छूट के चलते अनुमान है कि इस कारोबार में 30 फीसदी तक गिरावट आ सकती है।
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