
Reviews of the works of Saansad Adarsh Gram Yojana in 18 districts of Rajasthan
के. आर. मुण्डियार
जोधपुर.
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत राजस्थान में हुए कार्यों की समीक्षा कराएगा। इसके लिए केंद्र सरकार ने पर्येक्षक नियुक्त किए हैं। ये पर्यवेक्षक प्रदेश के 18 जिलों में भ्रमण कर योजना के तहत करवाए गए विकास कार्यों की समीक्षा रिपोर्ट तैयार करेंगे।
उल्लेखनीय है कि 'राजस्थान पत्रिका' ने 5 फरवरी के अंक में 'प्रधानमंत्री मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के प्रति गंभीर नहीं कई सांसद' शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर में बताया था कि राजस्थान में 13 लोकसभा सदस्य व 7 राज्यसभा सदस्यों ने सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत तीसरे चरण में गांव गोद ही नहीं लिए। दो सांसदों ने तो दूसरे चरण पर भी गंभीरता नहीं दिखाई। इसके अलावा ग्रामीण विकास व पंचायतराज विभाग की वेबसाइट पर प्रदेश में सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत अनुमोदित कार्यों की प्रगति भी 36.24 प्रतिशत ही बताई गई है।
इन 18 जिलों में जाएंगे पर्यवेक्षक-
पर्यवेक्षक जिले में भ्रमण से पहले संबंधित जिला कलक्टर, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी से योजना की प्रगति की जानकारी लेंगे। इसके बाद उनके साथ फील्ड में वास्तविक तस्वीर देखने जाएंगे। मंत्रालय की ओर से १९ फरवरी को जारी आदेश के अनुसार प्रदेश में सांसद आदर्श ग्राम योजना में जिन जिलों में दूसरे और तीसरे चरण में काम नहीं हुआ और प्रगति कम रही, उन जिलों में पर्यवेक्षक भेजे जाएंगे। सूची के अनुसार पर्यवेक्षक अजमेर, अलवर, बाड़मेर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौडग़ढ़, जैसलमेर, जयपुर , जोधपुर, जालौर, पाली, प्रतापगढ़, राजसमंद, सवाईमाधोपुर, सिरोही, उदयपुर, टोंक जिलों में जाएंगे और हर जिले के 3 तीन ब्लॉकों की दस ग्राम पंचायतों में काम का जायजा लेंगे। पर्यवेक्षक ग्रामीण विकास मंत्रालय की अन्य योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा करेंगे लेकिन मुख्य फोकस सांसद आदर्श ग्राम योजना पर रहेगा।
Updated on:
21 Feb 2019 11:14 pm
Published on:
21 Feb 2019 11:14 pm
