
जेल से फरार इनामी कैदी को जंगलों में दबोचा, चेहरे पर मस्से से पकड़ा
जोधपुर.
मण्डोर थाना पुलिस ने खुली जेल से फरार होने वाले दो हजार रुपए इनामी कैदी को तीन साल बाद बासंवाड़ा में नलदा के जंगलों से पकड़ में आया। उसने गलत नाम बताकर पुलिस को छकाने का प्रयास किया, लेकिन चेहरे पर मस्से से उसकी पोल खुल गई और गिरफ्तार कर लिया गया।
थानाधिकारी सुरेश कुमार सोनी ने बताया कि बांसवाड़ा जिले में अम्बापुरा थानान्तर्गत नल्दा तालाब निवासी राव पुत्र जीवणा हत्या के मामले में सजा काट रहा था। उसे 16 फरवरी 2011 को सजा सुनाई गई थी। तब से वह मण्डोर की खुली जेल में बंद था। वह दस अक्टूबर 2018 को खुली जेल से फरार हो गया था। संभावित ठिकानों पर तलाश के बाद भी वह पकड़ में नहीं आया था। ऐसे में उस पर दो हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस ने उसकी तलाश में गत 11 अगस्त को नल्दा तालाब पहुंची, जहां पता लगा कि वह नल्दा तालाब के जंगलों में रहता है। रात को जंगल में बने मंदिरों में खाना खाकर फरारी काट रहा है। पुलिस ने अम्बापुरा थाना पुलिस के साथ जंगल में तलाश शुरू की। रात को सघन तलाशी में वह पुलिस को देख भागने लगा, लेकिन पुलिस ने दो-तीन किमी पीछा करके राव को पकड़ लिया। उसने खुद का नाम ईश्वर बताकर फिर छकाने का प्रयास किया, लेकिन उसके चेहरे पर बने मस्से से पुलिस उसे पहचान गई। सख्त पूछताछ करने पर उसने खुद का नाम राव व खुली जेल से फरार होना कबूल किया। जिस पर उसे गिरफ्तार कर जोधपुर लाया गया। पुलिस का कहना है कि मण्डोर थाने का हेड कांस्टेबल अशोक गत तीस अगस्त को सेवानिवृत्त हुए थे। रिटायर्ड होने से पहले वह राव को पकडऩा चाहता था, लेकिन उससे पहले वह सेवानिवृत्त हो गए।
तीन राज्यों में छुपा, भीख से कर रहा था गुजारा
आरोपी पिछले तीन साल में गुजरात, मध्यप्रदेश के रतलाम व आस-पास के जिलों व बालसमंद के पास जंगलों में फरारी काट रहा था। वह भीख मांगने के साथ ही जंगल के मंदिरों में खाना खाकर गुजर-बसर कर रहा था। वह जगह भी बदल रहा था। उसने अपना हुलिया भी बदल दिया था।
Published on:
13 Aug 2021 01:26 am
