
जिम्मेदारों ने नहीं सुनी तो जन सहयोग से बना दी सडक़
नौसर (जोधपुर). सरकार आमजन को बेहतर सुविधाएं देने का दावा कर रही है। वहीं लोहावट पंचायत समिति के ग्राम पंचायत नौसर के बेलदारों की ढाणी में आवागमन के लिए सडक़ की सुविधा नहीं होने के कारण ढाणियों के बाशिंदों को
पैदल राह काटना मजबूरी बन गई है।
रेतीले धोरे की आड़ में बसे करीब 25 घरों के लोगों को तब जान पर बन बैठती है जब किसी महिला को प्रसव पीड़ा हो या कोई महिला-पुरूष किसी आकस्मिक बीमारी का शिकार हो गया हो। ढाणियों तक वाहन नहीं पहुंचपाने से लोगों को रेतीले धोरे तक किसी वाहन को बुलाकर जैसे-तैसे अस्पताल तक पहुंचाने का जतन करते।
केस-1.
बीते 26 जुलाई को इन ढाणियों की एक महिला को प्रसव पीड़़ा होने पर जीप को बुलाया तो वो रेतीले टीले में फंस गई। दूसरी गाड़ी बुलाकर महिला को अस्पताल भेजा। बीच राह ही बच्चे का जन्म हो गया। 27 जुलाई को पत्रिका
में रास्ते के अभाव में प्रसूता को ल जा रही गाड़ी फंसी शीर्षक से खबर भी प्रकाशित की गई। लेकिन प्रशासन बेखबर रहा।
केस-2.
इसी सप्ताह बेलदार भैराराम (70) की अचानक तबीयत खराब होने पर उनका पुत्र पुखराज (24) बाइक पर दवा लेने गया तो वो उबड़ खाबड़ रास्ता होने व जल्दबाजी के कारण बाइक से नीचे गिरकर बेहोश हो गया। पिता से पहले उसे
अस्पताल भेजा गया। खुद के खर्चे से सडक़ बनाने की ठानी- आखिरकार इन घटनाक्रमों से परेशान होकर ढाणियों के बासिंदों ने मिलकर तय किया कि जिम्मेदारों को हमारी कोई चिंता नहीं है। हमें अपनी समस्या खुदमखुद ही निपटानी होगी। एक ही दिन में 20 घरों के लोगों ने एक लाख रूपए जन सहयोग जुटाकर करीब एक किलोमीटर
ग्रेवल सडक़ बना डाली।
नहीं आने देंगे नेताओं को
ग्रामीणों ने बताया कि वो इस सडक़ मार्ग पर किसी भी मंत्री या जनप्रतिनिधि को नहीं आने देंगे। साथ ही कहा कि वो इस
बार नोटा का बटन दबाकर विरोध जताएंगे।
इनका कहना है
मेरी तबीयत खराब होने पर मेरा पुत्र डॉक्टर से दवा लाने गांव गया तो वो बाइक से गिरकर बेहोश हो गया। उसी समय मैंने तयकर लिया कि अब निजी खर्चे से ही सडक़ बनानी होगी- भैराराम बेलदार, वृद्धजन, बेलदारों
की ढाणी, नौसर।
Published on:
17 Sept 2018 05:23 pm
