
घुटन महसूस करती सडक़ों को अब ‘लूप’ का सहारा
जोधपुर।
शहर का वह हिस्सा जो सर्वाधिक व्यस्त रहता है। जहां का यातायात परेशानी भी खड़ी करता है। जहां कभी एलिवेटेड रोड की प्रस्तावना की जाती है तो कभी ट्रैफिक मॉबिलिटी प्लान की। इसी सडक़ पर अब लूप सिस्टम के जरिये राहत देने की कवायद है। जेडीए ने यह लूप प्रोजेक्ट एक निजी कंसल्टेंट से तैयार करवाया है। इसका बुधवार को जनप्रतिनिधियो, अलग-अलग यूनियन व व्यापारिक संगठनों के सामने जिला कलक्टे्रट सभागार में प्रजेंटेशन दिया जाएगा।
पहला फोकस जालोरी गेट से पावटा
लूप कॉन्सेप्ट को शुरुआती तौर पर जालोरी गेट से पावटा तक रखा गया है। इसमें वैकल्पिक मार्ग के जरिये बिना रुके यातायात चलाना है। जालोरी गेट से पावटा तक जो वैकल्पिक सडक़ है उसे भी उपयोग में लिया जा सकता है, फिलहा वहां अतिक्रमण बड़ी बाधा बन सकते हैं।
लूप की खास बातें
- वन-वे सिस्टम के जरिये एक सडक़ पर तरफा यातायात ही चालू किया जाता है।
- ट्रैफिक लाइट या पॉइंट को कम से कम कर यातायात को निर्बाध रूप से जारी करता है।
- लूप सिस्टम में वाहनों की क्रॉसिंग को भी कम से कम रखा जाता है, जिससे हादसे की आशंका कम हो।
लंदन में लागू है सिस्टम
यह सिस्टम लंदन में लागू है और काफी सफल भी। इसमें ज्यादा ओवरब्रिज या फ्लाइओवर की बजाय एक सडक़ पर एक तरफा यातायात चलाकर ही दबाव को नियंत्रित किया जाता है। जोधपुर में यह कितना सफल होगा यह प्रजेंटेशन के बाद भी पता चल पाएगा।
पहली बार देखेंगे अधिकारी
इस लूप सिस्टम को प्रमुख लोगों के साथ अधिकारी भी पहली बार देखेंगे। इसमें क्या वास्तविक दिक्कत आएगी और उन्हें कैसे दूर किया जा सकता है। साथ ही इसकी फिजिबिलिटी कितनी रहती है, इस पर भी मंथन किया जाएगा।
इनका कहना...
किसी भी नए प्रोजेक्ट को लागू करने का सही तरीका यही है कि जनता के सामने रखा जाए और उसका फीडबैक लिया जाए। लूप सिस्टम का प्रजेंटेशन इसीलिए सभी के सामने रखा है। जो समस्या आएगी वह सामने होगी और उसका समाधान भी निकाला जाएगा।
- इंद्रजीतसिंह, जिला कलक्टर जोधपुर।
Updated on:
02 Feb 2021 08:55 pm
Published on:
02 Feb 2021 08:55 pm
