वीडियो : मनोज सैन/जोधपुर. डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम के मुख्य प्रवेश द्वार के पोर्च का छज्जे के मलबे में दबने से एक सुरक्षा गार्ड की बुधवार देर शाम मृत्यु हो गई थी। इस मामले की जांच के लिए गुरुवार सुबह कलक्टर और पीड्ब्ल्यूडी के अधिकारी पहुंचे। वहीं एमडीएम अस्पताल की दीवारों में भी दरारें आने से यहां दहशत का माहौल है।
उल्लेखनीय है कि शास्त्रीनगर थाना पुलिस के अनुसार बारिश के दौरान मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम के मुख्य प्रवेश द्वार का छज्जा भरभराकर गिर गया और कॉलेज का सिक्योरिटी गार्ड किशोरीलाल शर्मा (50) पुत्र जमीलाल मलबे में दब गया था। कुछ दूर साइकिल स्टैड के शेड के नीचे खड़े एक अन्य गार्ड हापाराम ने कॉलेज के अन्य गार्ड व अधिकारियों को सूचना दी। सभी मौके पर पहुंचे और जेसीबी से मलबा हटाकर गार्ड को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी सांसें टूट चुकी थी।
एम्बुलेंस की मदद से उसे महात्मा गांधी अस्पताल ले जाया गया, जहां जांच के बाद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित किया। मृतक किशोरीलाल शर्मा मूलत: अलवर का है और वर्तमान में डिगाड़ी में रहता था। शव मोर्चरी में रखवाया गया है। हादसे का पता लगने पर महापौर घनश्याम ओझा, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ एसएस राठौड़, सहायक पुलिस आयुक्त चैनसिंह महेचा भी मौके पहुंचे।
सीने व मुंह पर मलबा गिरने से निकला दम, पांव टूटा
पुलिस का कहना है कि बारिश के दौरान गार्ड किशोरीलाल शर्मा ऑडिटोरियम की लाइटें चालू करने के बाद लौट रहा था। सीढिय़ां उतरकर पोर्च के नीचे पहुंचते ही छज्जा भरभराकर गार्ड के ऊपर गिर गया। मलबा सीने व मुंह के साथ पांव पर जा गिरा। पूरा शरीर पिचक गया। पांव टूट गया और उसकी मृत्यु हो गई।
इनका कहना है…
‘मेरे कार्यकाल में रिनोवेशन नहीं हुआ। हमने कोई डिमांड नहीं भेजी। कुर्सियों के लिए हम जरूर कहते रहते हैं। वैसे बिल्डिंग की हालत सही है।’
– डॉ एसएस राठौड़, प्राचार्य, डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज
यूजी-पीजी मेडिकल स्टूडेंट्स के हॉस्टल भी बदहाल
डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम का छज्जा गिरने के बाद मेडिकल कॉलेज स्टूडेंट्स में भय का माहौल है। कॉलेज के यूजी-पीजी छात्रों के हॉस्टल की हालत भी ज्यादा सही नहीं है। कहीं सीलन आ रही है तो कहीं लकड़ी के सपोर्ट देकर काम चलाया जा रहा है। छात्रों की मांग है कि ऑडिटोरियम की घटना के लिए मरम्मत में कोताही बरतने वाली संबंधित एजेंसी के जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई हो।