
मजिस्ट्रेट के सामने साध्वी बोली, मर्जी से गई थी ब्रह्मकुमारी आश्रम की महिलाओं के साथ
जोधपुर.
महामंदिर प्रथम पोल के पास जैन स्थानक से जैन साध्वी का अपहरण नहीं किया गया था। जैन साध्वी खुद की मर्जी से ब्रह्मकुमारी आश्रम की महिलाओं के साथ कार में पंजाब के लिए निकली थी। अपहरण की सूचना पर नाकाबंदी कराने पर सीकर जिले के फतेहपुर में पकड़ में आई कार से दस्तयाब जैन साध्वी ने गुरुवार को कोर्ट में धारा 164 के बयान में यह स्वीकारोक्ति की। इस पर पुलिस ने उसे ब्रह्मकुमारी आश्रम की महिलाओं के साथ वापस भेज दिया।
थानाधिकारी लेखराज सिहाग ने बताया कि महामंदिर प्रथम पोल में जैन स्थानक से एक साध्वी बुधवार सुबह 11.30 बजे पंजाब नम्बर की कार में दो महिलाओं व दो पुरुषों के साथ निकल गई थी। जैन स्थानक की ओर से अपहरण का मामला दर्ज कराए जाने पर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तलाश के साथ राज्य भर में नाकाबंदी कराई गई। पुलिस ने बुधवार रात सीकर जिले के फतेहपुर में कार रोककर साध्वी को दस्तयाब कर लिया। दो महिलाएं व दो पुरुषों को हिरासत में लेकर महामंदिर थाना पुलिस को सुपुर्द किया गया।
पुलिस ने साध्वी व चारों को जोधपुर लाकर गुरुवार को साध्वी के मजिस्ट्रेट के समक्ष सीआरपीसी की धारा 164 के बयान दर्ज कराए गए। पुलिस का कहना है कि साध्वी ने अपहरण से इनकार करते हुए स्वयं की मर्जी से ब्रह्मकुमारी आश्रम की महिलाओं के साथ कार में जाना कबूल किया। इस पर साध्वी को दोनों महिलाओं के साथ भेजा गया।
13 वर्ष की उम्र में ली थी दीक्षा
पुलिस का कहना है कि इक्कीस वर्षीय साध्वी छह वर्ष की उम्र से जैन स्थानक में रहती है। उसने 13 वर्ष की उम्र में दीक्षा ले ली थी। तब से वह महामंदिर जैन स्थानक में रह रही है। फिर वह ब्रह्मकुमारी आश्रम वालों के सम्पर्क में आ गई। इसको लेकर स्थानक व ब्रह्मकुमारी वालों में विवाद हो गया था।
Updated on:
13 Aug 2021 01:35 am
Published on:
13 Aug 2021 01:35 am
