
सरपंच सहित सौ लोगों के नाम मतदाता सूची हटाए, मामले में हाईकोर्ट ने कलक्टर से मांगा एक पखवाड़े में जवाब
जोधपुर. ओसियां तहसील में बेरडों का बास ग्राम पंचायत की मतदाता सूची से सरंपच समेत 100 मतदाताओं के नाम काटकर दूसरी ग्राम पंचायत में डालने का मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया। बेरड़ो के बास के मतदाताओं के नाम महादेव नगर ग्राम पंचायत में डालने पर ग्रामवासियों ने आपत्ति भी दर्ज करवाई थी। लेकिन सुनवाई नहीं होने पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। हाईकोर्ट ने जिला कलक्टर को मामले पर अपना पक्ष रखने के लिए 15 दिन का समय दिया है।
अधिवक्ता जितेंद्र पारासरिया ने बताया कि बेरडों का बास ग्राम पंचायत में वार्ड नम्बर पांच के करीब 100 मतदाताओं के नाम काट कर जिला प्रशासन ने तिंवरी तहसील की ग्राम पंचायत महादेव नगर में डाल दिए। इनमें बेरडों के पास के सरंपच का नाम भी दूसरी पंचायत में जोड़ दिया गया। ग्रामीणों ने इसकी 4 दिसम्बर को इसकी शिकायत जिला कलक्टर से की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इस पर जयप्रकाश ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। न्यायाधीश अरुण भंसाली की एकल पीठ ने नोटिस जारी कर जिला कलक्टर को 15 जनवरी तक पक्ष रखने का आदेश दिया।
हाईकोर्ट ने डीजीपी को तलब किया तो तीन दिन में मिल गई लापता बालिका
राजस्थान हाईकोर्ट ने चित्तौडग़ढ़ जिले की एक नाबालिक बालिका को नहीं ढूंढ पाने पर राज्य के पुलिस महानिदेशक डा.भूपेन्द्र यादव को व्यक्तिगत उपस्थित होने के आदेश देते ही पुलिस ने तीन दिन में बालिका को कोर्ट के समक्ष पेश कर दिया। याचिकाकर्ता के पिता के साथ जाने से मना करने पर कोर्ट ने उसे बालिका गृह, उदयपुर में भेजने के आदेश दिए हैं।
न्यायाधीश संदीप मेहता और न्यायाधीश अभय चतुर्वेदी की खंडपीठ ने चित्तौडग़ढ़ निवासी नाबालिग बालिका के पिता की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की सुनवाई के बाद 7 जनवरी को कहा था कि अगली सुनवाई तक यदि लापता बालिका का पता नहीं लग पाया तो डीजीपी को पेश होना पड़ेगा। इसके बाद पुलिस ने तीन दिन में ही बालिका को ढूँढ लिया। कोर्ट ने बालिका की काउंसलिंग करने के निर्देश दिए हैं। बालिका की मां उससे मिलना चाहती है तो उसे नियमानुसार अनुमति दी जाएगी। इस मामले में अगली सुनवाई 18 फरवरी को होगी।
Published on:
12 Jan 2020 04:39 pm
