
पहले दिन शॉपिंग मॉल में ग्राहकों की एंट्री से निकासी तक खासी सावधान, सोशल डिस्टेंसिंग की हुई पालना
जोधपुर. कोरोना महामारी के चलते हुए लॉकडाउन के बाद सोमवार से प्रदेश में शॉपिंग माल खुलते नजर आए। पहले दिन शॉपिंग मॉल में ग्राहकों की एंट्री से निकासी तक खासी सावधानी बरती गई। सभी जगह ग्राहक नहीं के बराबर ही नजर आए। हालांकि पहला दिन था, इसलिए ग्राहक व मॉल कर्मचारियों ने खरीदारी के दौरान विशेष सावधानी बरती। जोधपुर शहर के मॉल में कैसा रहा पहला दिन इस पर पत्रिका टीम की विशेष रिपोट...
सोशल डिस्टेंसिंग के साथ रेस्टोरेंट में चहल-पहल बढ़ी
आखिरकार ढाई महीने बाद सोमवार को रेस्टोरेंट व होटलों में कुछ चहल-पहल नजर आई। टेबल-कुर्सियों पर ग्राहक बैठे दिखाई दिए। सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करते हुए ग्राहक दूर-दूर बैठे थे। संचालकों ने सेनेटाइजेशन की व्यवस्था भी कर रखी थी।
राज्य सरकार ने गत 15 मई से होटल-रेस्टोरेंट्स में टेक एण्ड अवे यानि पैकिंग सुविधा की अनुमति दी थी। अब सोमवार से सोशल डिस्टेंसिंग के साथ बैठकर खाने की अनुमति भी दे दी गई। इसी के साथ 12वीं रोड चौराहे के आस-पास की होटलों में कुछ चहल-पहल शुरू हुई। सेनेटाइजेशन के बाद ही ग्राहकों को होटल में प्रवेश दिया गया।
कल्पतरू शॉपिंग सेंटर स्थित दाल बाटी की होटल के बाहर सेल्फ सेनेटाइजेशन मशीन लगाई गई। इसके अलावा ग्राहकों को साबुन से हाथ धोने के बाद ही टेबल-कुर्सी पर बैठने दिया गया। सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए कुछ टेबलों पर सामान रख दिया गया। ताकि वहां ग्राहक न बैठ सके।
बाहरी लोगों की अधिक आवाजाही
होटलों में चहल-पहल जरूर शुरू हुई है, लेकिन ग्राहकों की कमी है। होटल संचालकों का कहना है कि परिवहन के साधन पूरी तरह चालू न होने तक बाजार सूने हैं। होटलों में आने वाले अधिकांश ग्राहक आस-पास के गांवों से आ रहे हैं। जो किसी न किसी आवश्यक कार्य से शहर आए थे। स्थानीय लोगों का होटलों की तरफ रूझान शुरू नहीं हो सका है।
हर मंजिल पर हाथ सेनेटाइज किए जा रहे थे
करीब ढाई महीने बाद सर्किट हाउस स्थित शहर का प्रसिद्ध मॉल सुबह 10 बजे शुरू हो गया। एक साथ करीब डेढ़ सौ कर्मचारियों ने काम संभाला। धीरे धीरे लोगों ने आना शुरू किया। मॉल के सर्किट हाउस रोड स्थित मुख्य प्रवेश द्वार और अजीत कॉलोनी में बने द्वितीय द्वार दोनों से ही ग्राहकों के हाथ सेनेटाइज के बाद प्रवेश दिया जा रहा था। चार मंजिल इस मॉल की सभी मंजिल पर लोगों के हाथ सैनिटाइज किए जा रहे थे। पहले दिन से ही लोगों ने कुछ ना कुछ सामान अवश्य खरीदा। कोई किराणा खरीदने में व्यस्त नजर आया तो कोई कपड़े और जूते खरीद रहा था। इस बार मॉल में अन्य सामान के साथ एक नया सामान यानी सेनेटाइजर भी जुड़ गया। महिलाएं बच्चों के संग भी पहुंची। मॉल शुरू होने के बाद यहां चिकित्सा विभाग की टीम ने आकर सभी 139 कर्मचारियों की कोरोना जांच के लिए सैंपल भी लिए। मॉल में शाम तक अच्छी खासी भीड़ हो गई।
चिलचिलाती धूप और ग्राहकों का इंतजार करता मॉल
सूर्यनगरी की ओलंपिक रोड और आसमान से आग बरसती धूप, यहां स्थापित है शहर का एक नामी मॉल। दोपहर 2 बजे वाहन पार्र्किंग के लिए जगह तलाशने की सोमवार को जरूरत ही नहीं पड़ी। जो भी बाहर वाहन थे, वह स्टाफ के ही थे। एक युवती की थर्मल स्कैनर गन मशीन से जांच हो रही थी। तापमान सौ के नीचे होने पर उसे अंदर के लिए प्रवेश दिया गया। सिक्योरिटी गार्ड संजू सोलंकी ने हाथ को पहले सेनिटाइज कराया और फिर हाथ में पहनने के लिए ग्लब्ज दिए। इसके बाद युवती को अंदर प्रवेश दिया गया। इसी तरह मैं भी अंदर घुसा। लेकिन पूरा मॉल ग्राहकों को इंतजार देख रहा था। हालांकि गर्मी और ऊपर से कोरोना वायरस, यहां भीड़ नहीं होने का प्रमुख कारण था। वहीं बाहर मिले मॉल स्टाफ संदीप व्यास ने बताया कि उनके यहां एक मशीन लगी हुई है, जिनसे पता लग जाता है कि अंदर कितने ग्राहक हैं। करीबन 30 व्यक्ति को अंदर खरीदारी के लिए भेजा जाता है। उसके बाद बाकी ग्राहकों को दूसरों के बाहर आने पर बारी-बारी कर अंदर भेजा जाता है। ताकि सोशल डिस्टेंटसिंग की पालना हो सके। उन्होंने कहा कि यहां ग्राहक बेझिझक होकर खरीदारी करने आ सकते है। क्योंकि सोशल डिस्टेंटसिंग का विशेष ख्याल रखा जा रहा है।
Published on:
09 Jun 2020 12:15 pm
