
भारत में जासूसी के लिए नए हथकंडे अपना रही पाक खुफिया एजेंसियां, सिंध परिवारों सेना के जवानों को बना रहे निशाना
जोधपुर. पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियां सिंध प्रांत के कुछ परिवारों से भारतीय सेना की जासूसी करवा रही हैं। इन परिवारों के लोग भारत और नेपाल सीमा से भारत आते-जाते रहते हैं। कई परिवार ऐसे हैं जिनके कुछ सदस्य पाक में तो कुछ भारत में रहते हैं। पाक खुफिया एजेंसी आइएसआइ के अधिकारी सैटेलाइट फोन के जरिए भारत में अपने गुर्गों के सम्पर्क में रहती है। इन परिवारों ने भारत की टेलिकॉम कम्पनियों की सिम भी खरीद रखी हैं जिनसे पाकिस्तान में बैठे जासूस वाट्सएप, इंस्टाग्राम और फेसबुक की फर्जी आइडी बनाकर जवानों को फंसाने का प्रयास कर रहे हैं।
खुफिया सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान से जासूस या हैण्डलर्स काठमाण्डू, दुबई, श्रीलंका व मालदीव से भी भारत में घुसपैठ करते हैं। इनके पास बोगस पासपोर्ट होता है। इनके सम्पर्क में सिंध परिवार के स्थानीय लोग रहते हैं, जिनको हैण्डलर्स फोन पर लगातार निर्देश देते हैं। हैण्डलर्स आइएसआइ में बिग्रेडियर से मेजर रैंक के अधिकारियों के साथ सैटेलाइट फोन से सम्पर्क में रहते हैं और सूचनाएं इधर-उधर करते रहते हैं।
सिंध परिवारों की समस्या यह है कि पाक में उनके रिश्तेदारों को पाक आर्मी व आइएसआई टॉर्चर करती रहती है, जिसके कारण भारत में बसे इन परिवारों को कई बार न चाहते हुए भी सूचनाएं भेजनी पड़ती हैं। बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर और बीकानेर में ऐसे परिवारों की भरमार है, जहां से खुफिया सूचनाएं पाक भेजी जाती हैं। पुलिस इस मामले में कम ही रुचि दिखाती है, जिसके कारण सेना को परेशानी होती है।
गौरतलब है कि पाकिस्तान के चार प्रांतों में से सिंध की सीमा मुख्यत: राजस्थान से मिलती है। अवैध बार व हुक्का से भी घुसपैठ पाकिस्तान खुफिया एजेंसी आईएसआई भारतीय सेना में घुसपैठ के नए हथकण्डे अपना रही है। छावनी से बाहर अवैध बार, हुक्का, ढाबा व रेस्तरां में जवानों के साथ मेलजोल बढ़ाया जा रहा है। वहां मेलमिलाप से सोशल मीडिया के जरिए जवानों को कनेक्ट कर उनसे सामरिक महत्व की सूचनाएं लेने का प्रयास किया जा रहा है। बार व रेस्तरां में जवानों के बहकने के कारण सेना ने अपने जवानों को छावनी के अंदर ही बार व अन्य सुविधाओं का इस्तेमाल करने की हिदायत दी है।
इस साल हनी टै्रप में फंसे 12 जवान
पाक खुफिया एजेंसियों की ओर से हनी टै्रप व साधु का वेश धारण कर घुसपैठ की कोशिश भी हो रही है। पिछले एक साल में देश में करीब 12 हनी टै्रप के मामले सामने आ चुके हैं। इसमें राजस्थान में चार, पंजाब में तीन, लखनऊ में दो और जम्मू में एक जवान पकड़ा गया।
Updated on:
24 Nov 2019 11:19 am
Published on:
24 Nov 2019 11:19 am
