
देश में पहली बार पवन ऊर्जा को पछाड़ सौर ऊर्जा टॉप पर
जोधपुर. देश में पहली बार नवीकरणीय ऊर्जा से बिजली उत्पादन के मामले में सौर ऊर्जा ने पवन ऊर्जा को पीछे छोड़ दिया है। वर्ष 2021 में कुल नवीकरणीय ऊर्जा में 41.91 फ़ीसदी ऊर्जा सौर ऊर्जा संयत्रों और 41.79 फ़ीसदी ऊर्जा पवन से प्राप्त हो रही है। सौर ऊर्जा उत्पादन में कर्नाटक देश में पहले स्थान पर है। राजस्थान का दूसरा स्थान है। प्रदेश में सबसे बड़ा करीब 2000 मेगा वाट का सोलर पार्क जोधपुर के भड़ला में है। सरकार द्वारा लगातार सौर ऊर्जा को प्रोत्साहित करने की वजह से दो दशक में पहली बार सूर्य की किरणों से बिजली उत्पादन ने अन्य नवीकरणीय ऊर्जा के संसाधनों को पीछे रख दिया है।
नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की ओर से जनवरी 2021 में जारी किए गए ताजा आंकड़ों के अनुसार देश में कुल 92550.74 मेगावाट बिजली का उत्पादन नवीकरणीय ऊर्जा मसलन पवन ऊर्जा, सौर ऊर्जा, छोटे हाइड्रोपावर प्लांट, बायोमास पावर और शहरी व औद्योगिक अपशिष्ट से हो रहा है। इसमें 38794.07 मेगा वाट बिजली सौर ऊर्जा संयंत्रों और 38683.65 मेगा वाट बिजली पवन चक्की से मिल रही है। पवन ऊर्जा के साथ सौर ऊर्जा के मामले में भी दक्षिणी भारत टॉप पर है। तीसरे स्थान पर सर्वाधिक सौर ऊर्जा तमिलनाडु, उसके बाद गुजरात और उसके बाद आंध्रप्रदेश में उत्पादित हो रही है।
18 साल में 3 से 24 फीसदी तक बिजली
देश में अप्रेल 2002 में नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत से बिजली उत्पादन क्षमता 3497 मेगावाट थी जो कुल बिजली उत्पादन का 3 प्रतिशत थी। वर्तमान में यह क्षमता 92 हजार 550 मेगावाट हो गई है। देश में कुल बिजली उत्पादन 375322.74 मेगावाट है यानी नवीकरणीय ऊर्जा संसाधनों का योगदान करीब 24 प्रतिशत पहुंच गया है।
30 हजार मेगावाट करने का लक्ष्य
राजस्थान ने सौर ऊर्जा नीति 2019 में वर्ष 2024-25 तक प्रदेश में सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन 30 हजार मेगावाट करने का लक्ष्य रखा है। वर्तमान में प्रदेश में 5397.08 मेगावाट बिजली सौर ऊर्जा से प्राप्त हो रही है।
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‘देश में ऐसा पहली बार हुआ है कि सौर ऊर्जा ने बिजली उत्पादन टॉप पर आ गया है। इससे राजस्थान विशेष जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर जिलों में सौर ऊर्जा संयंत्रों व उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।’
-हरिश कयानी, रिसर्च स्कोलर, इलेक्ट्रिकल विभाग, एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज
Published on:
13 Feb 2021 07:11 pm
