
सौर ऊर्जा में भागीदारी निभाने को तैयार प्रदेश के सरकारी भवन, 50 मेगावाट के सोलर पैनल लगाने की तैयारी में सरकार
अविनाश केवलिया/जोधपुर. सौर ऊर्जा के क्षेत्र में प्रदेश को अव्वल बनाने में अब सरकारी भवन भी जुटेंगे। राज्य सरकार ने इसके लिए खाका तैयार किया है। राजस्थान रिन्यूएबल एनर्जी कॉर्पोरेशन लिमिटेड को इसकी नोडल एजेंसी बनाया गया है। हाल ही में आरआरईसीएल ने इसके लिए टैंडर जारी किए हैं। यदि सकारात्मक परिणाम आते हैं तो छह अलग-अलग फर्म को प्रदेश के सरकारी भवनों को सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए दिए जाएंगे।
‘सौर ऊर्जा से दमके मरुधरा’ अभियान राजस्थान पत्रिका की एक मुहिम को अब धरातल पर काफी पहचान मिल रही है। राज्य सरकार की पहली बजट घोषणा में सौर ऊर्जा को केन्द्र में रख कर कई घोषणाएं की गई थी। सीएम अशोक गहलोत ने प्रदेश के हर घर पर सौर ऊर्जा प्लेट लगी होने की बात कही थी। इसके बाद अब सरकारी भवनों पर सौर ऊर्जा प्लांट लगाने की कार्रवाई शुरू की गई है।
सरकारी भवनों की सूचियां तैयार
आरआरईसीएल ने ऐसे सरकारी भवनों की सूचियां भी जारी की हैं जहां सौर ऊर्जा प्लांट लगाया जा सकता है। पूरे प्रदेश के इन भवनों की क्षमता 50 मेगावाट तक होगी।
- स्थानीय निकाय के सभी कार्यालयों पर सौर ऊर्जा प्लांट लगाए जाएंगे।
- अस्पताल व मेडिकल भवनों की भी सूचियां सौंपी गई हैं।
- सभी डिस्कॉम कार्यालय भी चिह्नित किए गए हैं।
- सरकारी कॉलेज भवनों को भी सौर ऊर्जा प्लांट की सूची में शामिल किया गया है।
- जिला प्रशासनिक व ग्रामीण विकास विभाग के भवनों पर भी प्लांट लगेंगे।
6 अलग-अलग चरणों में होगा काम
50 मेगावाट के इन प्लांट को रेस्को मोड पर लगाया जाएगा। इसके लिए छह अलग-अलग भागों में काम दिया जाएगा। प्रदेश के सरकारी भवन इन भागों में बांटे जाएंगे। लगाने के बाद 25 साल तक इनका रखरखाव भी संबंधित कंपनी ही करेगी।
इनका कहना...
सरकारी भवनों पर सौर ऊर्जा प्लांट के लिए टैंडर प्रक्रिया अपनाई जा रही है। टैंडर प्रक्रिया में कैसा रेस्पोंस आता है उस आधार पर आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
- अनिल गुप्ता, प्रबंध निदेशक, आरआरईसीएल
Published on:
06 Oct 2019 03:36 pm
