
देश के सौर ऊर्जा लक्ष्य में एक चौथाई होगा राजस्थान का हिस्सा, पांच साल बाद आएगी नई सोलर-विंड ऊर्जा नीति
अविनाश केवलिया/जोधपुर. देश में सौर ऊर्जा जनरेशन का लक्ष्य 2022 तक 100 गीगावाट (जीडब्ल्यू) रखा गया है। इसमें एक चौथाई हिस्सा हमारे प्रदेश राजस्थान का होगा। इसके लिए पांच साल बाद नई सोलर व विंड ऊर्जा नीति लागू की जा रही है। इसके ड्राफ्ट को कुछ दिन पहले जनता के सामने रखा गया और आपत्तियां ली। इस नीति में दिए गए लक्ष्य अर्जित होते हैं तो राजस्थान देश में ग्रीन एनर्जी में सिरमौर बन जाएगा।
सौर और पवन ऊर्जा नीति का ड्राफ्ट अलग-अलग बनाया गया है। सौर ऊर्जा नीति इससे पहले 2014 में लागू की गई थी। अब पांच साल बाद नया ड्राफ्ट सामने आया है। वर्तमान में सोलर ऊर्जा जनरेशन के जितने उपकरण लगे हुए हैं उससे 15 गुना क्षमता के उपकरण लगाने और सौर ऊर्जा जनरेशन का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही नए सोलर पार्क के साथ निजी तौर पर सोलर प्लांट लगाने पर सरकार ने विशेष फोकस रखा है। राजस्थान पत्रिका ने ‘सौर ऊर्जा से दमके मरुधरा’ नाम से अभियान चलाया और सरकार का ध्यान इस ओर खींचा था। इसके बाद राज्य सरकार ने अपने पहले बजट में ही सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की कई घोषणाएं की।
नई सोलर व विंड ऊर्जा नीति के लक्ष्य
- 50 गीगावाट ग्लोबल सोलर हब राजस्थान को बनाना।
- 100 गीगावाट क्षमता के सम्पूर्ण भारत के लक्ष्य में 25 प्रतिशत भागीदारी निभाना।
- 2 हजार मेगावाट के विंड एनर्जी प्लांट लगाने।
नई नीति में खास
- नए सरकारी सोलर पार्क को विकसित करना।
- सोलर पार्क में निजी भागीदारी बढ़ाना।
- विंड एनर्जी के नए प्लान को बढ़ावा देना।
- सौर ऊर्जा में प्रदेश को देश में अव्वल बनाना।
- सौर ऊर्जा में विदेशी निवेश प्रदेश में लाना।
- डिसेंट्रलाइज्ड ग्रीन कनेक्टेड सोलर पॉवर प्रोजेक्ट।
- इलेक्ट्रीक व्हील चार्जिंग स्टेशन भी बढ़ाने पर भी काम होगा।
- सोलर जनरेशन उद्योग में रोजगार के ज्यादा अवसर विकसित करना।
आपत्तियां मिली अब तैयार होगा फाइनल ड्राफ्ट
इन दोनों नीतियों के ड्राफ्ट पर आपत्तियां आमजन से ली गई। 20 सितम्बर पर आपत्तियां लेने के बाद अब उन आपत्तियों को दूर करने पर काम हो रहा है। इसके बाद फाइनल ड्राफ्ट मर्चेंट एसोसिएशन के सामने रखा जाएगा। इसके बाद नई सोलर व विंड ऊर्जा नीति अलग-अलग जारी होगी।
इनका कहना...
नई सोलर व विंड ऊर्जा नीति की आपत्तियों पर काम हो रहा है। पांच साल बाद नई सोलर नीति आ रही है। इसमें प्रदेश की सौर ऊर्जा क्षमता को बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
अनिल गुप्ता, प्रबंध निदेशक, राजस्थान रिन्यूएबल एनर्जी कॉर्पोरेशन लिमिटेड
Published on:
04 Oct 2019 11:41 am
