
कोई खुशी से झूमे तो किसी के चेहरे मुरझाए
जोधपुर.
वित्तीय वर्ष 2020-21 में अंग्रेजी व देसी शराब दुकानों के लाइसेंस के लिए गुरुवार को जयनारायण व्यास स्मृति भवन (टाउन हॉल) में आयोजित लॉटरी प्रक्रिया के दौरान गुरुवार को दिनभर आवेदकों की सांसें ऊपर-नीचे होती रहीं। लॉटरी में नाम खुलने पर कई लोग खुशी से झूमने लगे तो बड़ी संख्या में आवेदक मायूस होकर लौटे। इस बार भी बड़ी संख्या में महिलाओं के नाम लॉटरी निकली। जिला कलक्टर प्रकाश राजपुरोहित ने सुबह ग्यारह बजे लॉटरी प्रक्रिया शुरू कराई। एडीएम सीमा कविया, एडीसीपी डॉ.तेजपालसिंह व जिला आबकारी अधिकारी उदयभानू चारण ने लॉटरी निकाली।
सबसे पहली लॉटरी मेहताबसिंह के नाम
प्रथम चरण में जोन १ से ६ में भारत निर्मित विदेशी मदिरा व बीयर की ६६ खुदरा दुकानों के लिए लॉटरी निकाली गई। जोन १ में मेहताबसिंह के नाम सबसे पहली लॉटरी निकली। अंकुर कंवर पहली भाग्यशाली महिला रही। छह जोन के बाद जोधपुर महानगर क्षेत्र की देसी मदिरा व कंपोजिट समूह के लिए लॉटरी निकली। इसके बाद नगर पालिका फलोदी, बिलाड़ा, पीपाड़ शहर क्षेत्र में अंग्रेजी शराब की ८ दुकानों व अंत में जिले के ग्रामीण क्षेत्र में देसी मदिरा, कंपोजिट दुकानों के आवेदकों की लॉटरी निकालनी शुरू की गई।
महिलाओं व युवतियों में उत्साह
शराब लाइसेंस के लिए पुरुषों व युवकों में ही नहीं अपितु महिलाएं और युवतियों में भी चाव नजर आया। सुबह से ही कई महिलाएं व युवतियां लॉटरी प्रक्रिया में शामिल होने पहुंच गईं। हालांकि इस बार भी बड़ी संख्या में महिलाओं के नाम लॉटरी निकली, लेकिन अधिकांश महिलाएं निराश होकर लौटी।
शराब के प्रमुख ग्रुप में छाई मायूसी
लाइसेंस प्राप्त करने के लिए सामान्य व्यक्तियों के साथ-साथ शराब बेचने वाले प्रमुख ग्रुप ने बहुतायत में आवेदन पत्र जमा कराए थे। एक-एक ग्रुप ने बड़ी संख्या में निवेश किए थे, लेकिन जोन-१ से छह की शराब दुकानों में इन ग्रुप को निराशा ही हाथ लगी। इक्का-दुक्का ही लॉटरी निकल पाई।
२५१ आवेदन पत्र जमा, पांच लॉटरी खुली
सूरसागर निवासी ओमप्रकाश मेवाड़ा ने अपने व परिवारजन के नाम २५१ आवेदन पत्र भरे थे। यानि ७५ लाख तीस हजार रुपए मात्र आवेदन शुल्क के जमा कराए। इनमें से अंग्रेजी शराब के तीन व देसी शराब की दो दुकानों की लॉटरी निकली। उनका कहना है कि इस बार दो साल के लाइसेंस होने की वजह से अधिक आवेदन पत्र जमा कराए थे।
सबसे अधिक आवेदन जोन-६ में
नगर निगम क्षेत्राधिकार में अंग्रेजी शराब की दुकानें जोन-१ से ६ में बांटी गई है। जोन २ में सबसे अधिक १६ दुकानें हैं। वहीं, जोन-६ में तेरह दुकानें हैं। जोन-६ में सबसे अधिक १९७३ आवेदन पत्र जमा कराए गए थे।
होटल घूमर तक लगी वाहनों की कतारें
लॉटरी प्रक्रिया के लिए सुबह कम भीड़ रही, लेकिन जैसे-जैसे लॉटरी प्रक्रिया आगे बढऩे लगी। वैसे-वैसे लोग टाउन हॉल पहुंचना शुरू हो गए। स्थिति एेसी हो गई कि टाउन हॉल से लेकर होटल घूमर तक सडक़ के दोनों तरफ चार पहिया वाहनों की कतारें लग गईं। पुलिस व प्रशासन ने इस बार टाउन हॉल के मुख्य गेट की बजाय पुराने स्टेडियम की गली वाले गेट से प्रवेश व निकासी व्यवस्था की। इससे मुख्य रोड पर भीड़-भाड़ कम नजर आई।
डबल पार्र्किंग शुल्क वसूला
यातायात पुलिस ने सडक़ पर दुपहिया वाहन खड़े करने वालों के प्रति सख्ती बरती। इससे उम्मेद उद्यान स्थित पार्र्किंग स्थल वाहनों से पूरा भर गया। पार्र्किंग स्थल संचालकों ने दुपहिया वाहनों की पार्र्किंग शुल्क दस की जगह बीस रुपए वसूले।
३६९५ आवेदन पत्र व छह करोड़ कम आय
गत वर्ष शराब लाइसेंस के लिए २४५२९ आवेदन पत्र जमा कराए गए थे। इनमें से २८०० आवेदन पत्र निरस्त कर दिए गए थे। कुल २१७२९ आवेदन पत्रों से साठ करोड़ रुपए की आय हुई थी, लेकिन इस बार आवेदकों में उत्साह की कमी नजर आई। नए वित्तीय वर्ष के लिए करीब तेइस हजार आवेदन पत्रों में से १८०३४ आवेदन पत्र ही सही पाए गए थे। इनसे ५४ करोड़ दस लाख बीस हजार रुपए की आय हो सकी। गत वर्ष की तुलना में ३६९५ आवेदन पत्र और छह करोड़ रुपए कम राजस्व मिला।
रात ११ बजे लॉटरी प्रक्रिया पूर्ण
जिला आबकारी अधिकारी उदयभानू चारण ने बताया कि लाइसेंस के लिए लॉटरी प्रक्रिया रात ग्यारह बजे पूरी हुई। बारह घंटे में १८०३४ आवेदन पत्रों की लॉटरी निकाल ली गई। आवेदकों की सहमति के बाद पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की मदद से एक ही दिन में प्रक्रिया पूरी करने के लिए देर रात तक लॉटरी निकालने का निर्णय किया गया। जबकि पिछले कुछ वर्ष से प्रक्रिया को पूरी होने में दो दिन लगे थे।
Published on:
13 Mar 2020 01:04 am
