
जनता को दुविधा नहीं देना चाहते, मगर जरूरत पड़ी तो सख्ती होगी
जोधपुर। कोविड-19 के भयावह होते हालात और कुछ हद तक हमारी लापरवाही के बीच प्रशासन सख्ती के मूड में है। रात्रिकालीन कर्फ्यू लागू कर दिया गया है और गाइड लाइन की पालना नहीं करने पर प्रतिदिन जुर्माना और सीज की कार्रवाई हो रही है। कोविड प्रबंधन के मुद्दे पर जिला कलक्टर इंद्रजीतसिंह ने दिए पत्रिका के सवालों के जवाब, जिससे प्रशासन की आगे की कार्यप्रणाली समझी जा सकती है।
पत्रिका - कोरोना की जो अब लहर चल रही है वह कितनी घातक है और अब तक क्या आंकड़े सामने आ रहे हैं?
कलक्टर - पूरे देश और विश्व में कोरोना का खतरा बढ़ा है। मृत्यु दर और अस्पताल में भर्ती होने वालों की संख्या बढ़ी है। जोधपुर में भी ३५० से ज्यादा केस प्रतिदिन और १० प्र्रतिशत से ज्यादा पॉजीटिव दर आना चिंता का विषय है। आने वाले समय में सख्ती बढ़ानी पड़ सकती है। हर घंटे व दिन का डेटा मॉनिटर हो रहा है।
पत्रिका - ऐसा लगता है कि जनता अब लापरवाह बनती जा रही है?
कलक्टर - जैसे कुछ माह पहले हमें राहत मिली हमने थोड़ी ढील देना शुरू कर दिया। यह स्वाभाविक है। लेकिन फरवरी माह की शुरुआत से फिर से हमें आशंका होने लगी थी और धारा १४४ जैसे कदम उठाए थे। जोधपुर ने कोरोना को नजदीक से देखा है। अपने लोगों को खोया है। अब जो परिस्थितियां हैं उस लिहाज से यदि जोधपुरवासी सजग नहीं होते हैं तो चिंता का विषय है।
पत्रिका - क्या लक्षण आने के बाद भी लोग टेस्ट नहीं करवा रहे?
कलक्टर- हमने शुरू से ही देखा है कि पल्स ऑक्सीमीटर का उपयोग कैसे करना, टेस्टिंग के लिए कब जाना है, होम क्वारंटीन में कैसे रहना है। इसकी पालना हमें ही करनी है। जब अस्पताल के बैड पर पहुंच जाते हैं और स्थिति बिगडऩे लगती है तो कोरोना काफी घातक हो जाता है, अपने जीवन के लिए हम खुद जिम्मेदार हैं।
पत्रिका - गाइड लाइन की पालना नहीं करने वालों के खिलाफ अब तक कैसी कार्रवाई की जा रही है?
कलक्टर - नाइट कफ्र्यू और जांच कर प्रतिष्ठान सीज कर रहे हैं। दो जॉइंट एन्फोर्समेंट टीमें बनी हैं जिसमें ४० से ज्यादा लोग हैं जो पूरे दिन गाइड लाइन पालना के लिए ही काम करते हैं। पुलिस भी अभय कमांड क्षेत्र से निगरानी कर रही है। लेकिन सख्ती उपाय नहीं है, जागरूक जनता को होना चाहिए। प्रशासन या सरकार जनता को दुविधा नहीं देना चाहती।
पत्रिका - एक तरफ कोरोना और दूसरी तरफ वैक्सीनेशन के प्रति इस शहर की जनता की ढिलाई किस प्रकार घातक साबित हो सकती है?
कलक्टर- पूरे जिले में ८ लाख से अधिक लोग टीकाकरण के पात्र हैं। गांव में लोग व जनप्रतिनिधि जागरूक थे, इसलिए शुरुआत में वैक्सीनेशन अच्छा हुआ, शहर पीछे चल रहा था। अब निगम प्रशासन ने पार्षदों व अन्य संगठनों को साथ लिया। अभी प्रतिदिन १० हजार वैक्सीनेशन शहर में हो रहा है, लेकिन यह बहुत कम है। शहर में ४ लाख में से १.२० लाख को ही वैक्सीन लगा पाए हैं। यह जनता को समझना होगा।
पत्रिका - वीकेंड लॉकडाउन व मास्क के लिए सख्ती कितनी करनी चाहिए?
कलक्टर - प्रदेश में सीएम खुद प्रतिदिन कोविड का रिव्यू कर रहे हैं। नाइट कफ्र्यू का कदम जोधपुर ने सबसे पहले लिया। आगे भी जरूरत पडऩे पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।
Published on:
09 Apr 2021 08:14 pm
