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SPORTS–प्रदेश के शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षुओं को अब मिलेगा इनडोर स्टेडियम

  - खिलाडिय़ों को मिलेगी उच्च स्तरीय खेल सुविधा - राजकीय शारीरिक शिक्षा महाविद्यालय में बनेगा मल्टी पर्पज इनडोर स्टेडियम - गत बजट की पालना में राज्य सरकार ने स्वीकृत किए 5 करोड
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जोधपुर

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Amit Dave

Jan 31, 2021

SPORTS--प्रदेश के शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षुओं को अब मिलेगा इनडोर स्टेडियम

SPORTS--प्रदेश के शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षुओं को अब मिलेगा इनडोर स्टेडियम

जोधपुर।

प्रदेश के एकमात्र राजकीय शारीरिक शिक्षा महाविद्यालय (फिजीकल कॉलेज) के प्रशिक्षुओं के लिए खुशखबर है। अब इस कॉलेज की काया बदलेगी। फिजीकल कॉलेज की स्थापना की बाद से अब तक इनडोर स्टेडियम से वंचित प्रशिक्षुओं को उच्च स्तरीय सुविधा मिलेगी, सरकार की ओर से करीब 5 करोड़ रुपए की लागत से फिजीकल कॉलेज में मल्टी पर्पज इनडोर स्टेडियम बनाया जाएगा, गौरतलब है कि सरकार ने अपने गत बजट वर्ष 2020-21 की घोषणा में फिजीकल कॉलेज में मल्टी पर्पज इनडोर स्टेडियम बनाने की घोषणा थी, जिसकी क्रियान्विती में अब वित्त विभाग ने यह स्वीकृति जारी की है।

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बेहाल है खेल सुविधाएं

राज्य का मात्र एक फिजीकल कॉलेज, जहां से खेल प्रशिक्षण प्रशिक्षकों की फ ौज तैयार होती है। यहां इनडोर स्टेडियम नहीं होने की वजह से खेल सुविधाओं के हाल बेहाल है। यहां जिम का अभाव है, बैडमिंटन कोर्ट नहीं है, जिमनास्टिक के उपकरणों का अभाव है। टेनिस कोर्ट, बास्केटबॉल मैदान टूटा पड़ा है। बैडमिंटन कोर्ट, स्विमिंग पूल बने हुए ही नहीं हैं। इन खेलों के खिलाड़ी काल्पनिक प्रशिक्षण ही लेते है।

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राष्ट्रीय-अन्तरराष्ट्रीय गेम्स हो सकेंगे

इनडोर स्टेडियम बन जाने से यहां शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षुओं के प्रशिक्षण के अलावा राष्ट्रीय-अन्तरराष्ट्रीय खेलकूद प्रशिक्षण शिविर व प्रतियोगिताएं हो सकेगी। प्रशिक्षुओं को खेलों के अन्तरराष्ट्रीय मापदण्ड़ों की जानकारी मिलेगी।

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वर्ष 1957 में स्थापित हुआ था

वर्ष 1957 में राजस्थान का एकमात्र शारीरिक शिक्षा महाविद्यालय जोधपुर में एयरफोर्स क्षेत्र में स्थापित किया गया था। यहां से ट्रेनिंग कर निकलने के बाद शारीरिक शिक्षक पूरे राज्य में अपनी सेवाएं देकर राष्ट्रीय व अन्तरराष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार करते है।

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अभी भी दरकार रहेगी स्वीमिंग पूल की

प्रशिक्षण के दौरान थ्योरी और प्रेक्टिकल दोनों में पास होना जरूरी होता है लेकिन तरणताल (स्विमिंग पूल) के अभाव में खिलाड़ी को काल्पनिक ही तैरना पड़ता है। तैराकी खेल से पूरे प्रदेश के जो खिलाड़ी यहां प्रवेश लेते है, वे प्रेक्टिकल प्रशिक्षण नहीं ले पाते है। स्वीमिंग पूल नहीं होने की वजह से प्रशिक्षुओं को सैद्धान्तिक प्रशिक्षण ही लेना पड़ रहा है।

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इनका कहना है

शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षुओं को प्रोत्साहन मिलेगा। यहां विभिन्न इनडोर खेलकूद गतिविधियां कराने में आसानी रहेगी। इसके साथ ही हमने सरकार से अन्य एक्टिविटी रूम्स के लिए फण्ड की मांग की है।

प्रेमचंद सांखला, कार्यवाहक प्राचार्य

राजकीय शारीरिक शिक्षा महाविद्यालय जोधपुर

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