
राजेश दीक्षित/जोधपुर. शहर का एक व्यस्त चौराहा...। नाम पावटा सर्किल। यों तो यह चौराहा भी शहर के अन्य दूसरे चौराहों की तरह ट्रेफिक सिग्नल लाइट, वाहनों की शोर से गूंजता रहता है। फिर भी इस चौराहे की एक खासियत है। इस चौराहे पर लगी प्रतिमा। यह प्रतिमा है मेजर शैतान सिंह की। वो ही मेजर शैतान सिंह जिसने चीन के साथ हुए युद्ध में चीनी सैनिकों के दांत ऐसे खट्टे किए कि मरते दम तक सैनिकों को ‘छठी का दूध’ याद दिला दिया। खून से लथपथ हो गए, सांसे उखडऩे लग गई। लेकिन अंतिम समय तक अपने हाथों से बंदूक नहीं छोड़ी।
इस समय चीन के साथ जिस तरह से अप्रत्यक्ष युद्ध के हालात पैदा हुए हैं। ऐसे में एक बार फिर मेजर शैतान सिंह की बहादुरी के किस्से जोधपुरवासियों की जुबां पर गूंजने लगे हैं।
जब शैतान सिंह चीन के युद्ध में 18 नवम्बर 1962 को शहीद हुए थे। इनकी बॉडी करीब तीन माह बाद मिली। यहां 19 फरवरी 1963 को कागा के श्मशान घाट में राजकीय सम्मान से अंतिम विदाई दी गई थी।
इसके बाद 18 नवम्बर 1986 को पावटा सर्किल पर इनकी प्रतिमा का अनावरण किया। मरणोपरांत वीरता पुरस्कार परमवीर चक्र मिला।
वह अदम्य साहस जिससे चीन के खड़े हो गए थे रौंगटे
18 नवम्बर 1962 का दिन। भारत-चीन युद्ध छिड़ चुका था। 13 कुमायूं बटालियन की ‘सी’ कम्पनी चुशूल सेक्टर में तैनात थी। बटालियन में 120 जवान थे, शून्य से 15 डिग्री कम की हड्डियां कंपा देने वाली ठंड थी। अचानक सुबह के समय चीनी सेना ने हमला बोल दिया। जैसे ही भारतीयों ने दुश्मन को पहचाना, उन पर लाइट मशीन गन, राइफल्स, मोर्टार और ग्रेनेड से हमला कर दिया और कई चीनी सैनिक मार गिराए।
युद्ध के समय मेजर शैतान सिंह खुद कंपनी की पांचों प्लाटून पर पहुंचकर अपने जवानों की हौसला-अफजाई कर रहे थे। इस बीच गोलियां लगने से शैतान सिंह बुरी तरह जख्मी हो गए। उन्होंने सैनिकों को एक मशीन गन लाने के लिए कहा। गन के ट्रिगर को रस्सी से एक पैर में बंधवाया। रस्सी की मदद से अपने एक पैर से फायरिंग करनी शुरू कर दी।
मेजर वहां लड़ते रहे। फरवरी 1963 उनका शव मशीन-गन के साथ ही मिला। पैरों में रस्सी बंधी थी। बर्फ की वजह से शरीर जम गया था।
हालांकि भारत युद्ध हार गया था लेकिन बाद में पता चला कि चीन की सेना का सबसे ज्यादा नुकसान रेजांग ला पर ही हुआ था। चीन के सैकड़ों सैनिक इस जगह मारे गए थे। ये एकमात्र जगह थी जहां भारतीय सेना ने चीनी सेना को घुसने नहीं दिया था।
Updated on:
19 Jun 2020 03:43 pm
Published on:
19 Jun 2020 02:40 pm
