
जोधपुर. कोरोना के खौफ के बीच प्रदेश के सबसे पुराने एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज के एक छात्र ने सस्ता सैनेटाइजर बॉक्स बना डाला है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के स्तर की स्पेसिफिकेशन के साथ तैयार यह सैनेटाइजर चैम्बर बाजार में मिलने वाले ऐसे ही उत्पादों से करीब 40 फीसदी सस्ता है। इसका इस्तेमाल घर के बाहर रखकर भी किया जा सकता है।
पूरी तरह से लीक प्रूफ इस चैम्बर में अल्ट्रावायलेट विकिरणों के हानिकारक प्रभाव से बचाव के लिए कुछ सेंसर भी लगाए गए हैं। इसकी क्षमता 30 लीटर है। इसमें करेंसी, मास्क, ग्रॉसरी, सब्जी, फल सहित अन्य आइटम सेनेटाइज किए जा सकते हैं। यह उपकरण कॉलेज में माइनिंग विभाग के बीई फाइनल ईयर के छात्र रोहित शर्मा ने बनाया है। रोहित ने इसका नाम रक्षक रखा है। इसमें 45 गुना 45 सेंटीमीटर के कैबिनेट में सी सर्टिफाइड 22 वाट की अल्ट्रावायलेट ट्यूब लगी है। कैबिनेट में सेंसर लगे हैं जो इसके पूरी तरह से बंद होने के बाद ही अल्ट्रावॉयलेट सोर्स को चालू करते हैं। बीच में ही कैबिनेट का दरवाजा खोलने पर यह स्वत: बंद हो जाती है।
दो मिनट में सैनिटाइज
रक्षक 2 मिनट में सभी आइटम को सैनिटाइज कर देता है। कैबिनेट बनाने में माइल्ड स्टील शीट काम में ली गई है। इसे घर के बाहर डोर बेल वाले स्थान पर भी लटकाया जा सकता है ताकि डाक सहित अन्य आर्टिकल भी सैनिटाइज हो सके। रोहित के पिता दीपक शर्मा इलेक्ट्रिकल का कार्य करते हैं। उन्होंने भी यह उपकरण बनाने में मदद की।
बाजार से 40 फीसदी सस्ता
एमबीएम कॉलेज के प्लेसमेंट एंड ट्रेनिंग इंचार्ज प्रोफेसर अवधेश शर्मा के अनुसार रक्षक मेक इन इंडिया के तहत बनाया गया है। यह एक फर्म के मार्फत बेचा जाएगा। बाजार में वर्तमान में 11 वाट यूवी ट्यूब के उपकरण, थर्माकोल शीट के साथ 10 से 15 हजार रुपए में आते हैं, जबकि उसमें सुरक्षात्मक उपाय कुछ भी नहीं होते हैं।
Published on:
17 Jun 2020 12:19 am
