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घरवालों को परेशान करने के लिए नहर किनारे छोड़ा था सुसाइड नोट

लोहावट (जोधपुर) . थाना क्षेत्र के इन्द्रनगर फतेहसागर निवासी युवती के लापता होने पर पुलिस एवं परिजनों से उस समय राहत की सांस ली, जब युवती के बुधवार रात को फलोदी में रोडवेज बस स्टैण्ड पर खड़ी होने की सूचना मिली।
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लोहावट (जोधपुर) . थाना क्षेत्र के इन्द्रनगर फतेहसागर निवासी युवती के लापता होने पर पुलिस एवं परिजनों से उस समय राहत की सांस ली, जब लापता हुई युवती के बुधवार रात को फलोदी में रोडवेज बस स्टैण्ड पर खड़ी होने की सूचना मिली। इस पर लोहावट पुलिस ने फलोदी पहुंचकर युवती को लोहावट लेकर आए तथा पूछताछ के बाद परिजनों को सुपुर्द किया।

वहीं पुलिस द्वारा एक दिन पूर्व जताया गया अंदेशा भी सटीक बैठा कि, युवती नहर में कूदने की बजाय कहीं और जगह चली गई। पुलिस ने बुधवार से नहर के साथ-साथ अन्य स्थानों पर भी युवती की तलाश प्रारम्भ कर दी थी।

लोहावट थानाधिकारी हरिसिंह राजपुरोहित ने बताया कि नहर किनारे इन्द्रनगर फतेहसागर निवासी युवती सुमन पुत्री हड़मानाराम विश्नोई लिखित सुसाइड नोट के मिलने के बाद से नहर के साथ अन्य स्थानों पर भी तलाश शुरू की गई। रात को मुखबिर की इतला मिली कि सुमन विश्नोई फलोदी में रोडवेज बस स्टैण्ड के पास खड़ी है।

सूचना पर लोहावट पुलिस थाना के सहायक उप निरीक्षक कानाराम मेघवाल एवं महिला कांस्टेबल पुष्पा को फलोदी के लिए रवाना किया गया। उस समय सुमन स्वयं फलोदी में पुलिस थाना के आगे पहुंच गई थी। बाद में उसको लोहावट लाए और पूछताछ की गई। इसके बाद उसे परिजनों को सुपुर्द किया।

थानाधिकारी ने बताया कि दो साल से उसका जोधपुर में उपचार चल रहा है। उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने से वह घर से निकल गई तथा घर वालों को परेशान करने के लिए नहर किनारे चप्पल छोडक़र उसके नीचे सुसाइड नोट रखकर चली गई।


दो दिनों तक हुई तलाश

लोहावट थाना क्षेत्र में राजीव गांधी लिफ्ट केनाल के आरडी 110 सियाकों का पुलिया के पास 23 अक्टूबर को सुबह सुमन द्वारा लिखा सुसाइड नोट उसकी चप्पल के नीचे रखा मिला था। उसके बाद से पुलिस एवं परिजन व ग्रामीण ने दो दिनों तक सुसाइड नोट मिलने के स्थान से लेकर करीब 40-45 किलोमीटर आगे तक तलाश की। सुसाइड नोट मिलने के बाद पुलिस के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे तथा नहर में पानी भी कम करवाया था।


पुलिस अपना वक्त बर्बाद न करे

नहर किनारे मिले सुसाइड नोट में लिखा था, कि पुलिस अपना वक्त बर्बाद नहीं करे। मेरे मरने के पीछे किसी हाथ या किसी का दबाव नहीं है। मैं एक मानसिक रोगी हूं। अब नहर में कूदकर खुदकुशी कर रही हूं। मुझे जीने शब्द से नफरत है।

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