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अमित दवे/जोधपुर. प्रदेश में समर्थन मूल्य खरीद के लिए चने व सरसों की एक मई से शुरू हुई खरीद की विशेष निगरानी व खरीद व पंजीयन में आ रही समस्याओं के समाधान में देरी से वर्तमान खरीद लक्ष्य पूरा होना मुश्किल लग रहा है। गत वर्ष सामान्य परिस्थितियों के बावजूद राजफैड रबी की सरसों व चने फ सल की कुल उत्पादन का केवल 11 प्रतिशत फसल खरीद कर सका था। देरी से शुरू होने के बावजूद एक मई तक भी व्यवस्थाएं सुचारु नहीं हो सकी, इससे लक्ष्य अनुसार खरीद को लेकर किसान आशंकित है।
- 25 प्रतिशत फसल खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया राजफैड ने।
- 16.62 लाख मीट्रिक टन चने व सरसों की होगी खरीद ।
- 7.23 लाख मीट्रिक टन खरीद हो पाई थी गत वर्ष इन फसलों की।
यह हैं चुनौतियां
- कोविड-19 के चलते सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन रखना।
- मजदूरों की उपलब्धता व बारदान ट्रांसपोर्ट प्रभावित।
- खरीद केंद्र शुरू होने में देरी।
किसानों की मांग
- लक्ष्य अनुसार खरीद के लिए ये सुधार जरूरी
- चने-सरसों के उत्पादन क्षेत्र वाली सभी सहकारी समितियों पर खरीद केंद्र खुले।
- स्वीकृत सभी केंद्र शीघ्र शुरू किए जाए।
- समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए जिला स्तर पर निर्णय के अधिकार।
- ट्रांसपोर्ट, वेयरहाउस, बारदान व मजदूरों की पर्याप्त व्यवस्था।
इनका कहना है
समर्थन मूल्य खरीद योजना का समुचित लाभ किसानों को नहीं मिल पा रहा है। केंद्र सरकार से वित्तपोषित इस योजना से प्रदेश में किसानों को समुचित आर्थिक सहयोग किया जाए तो राज्य की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा।
-तुलछाराम सिंवर, आंदोलन व प्रचार प्रमुख, भारतीय किसान संघ, जोधपुर
Published on:
13 May 2020 12:11 pm
