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जोधपुर क्राइम फाइल : टोल नाके पर रोडवेज बस चालक को पीटा, धोखाधड़ी की इन घटनाओं ने बढ़ाया अपराध का ग्राफ

नागौर रोड पर नेतड़ा टोल नाके पर गुरुवार देर रात आगे खड़ी गाड़ी हटाने की बात को लेकर उपजे विवाद में टोलकर्मियों ने रोडवेज बस के चालक को पीट दिया। लगिए से हमले में बस चालक गंभीर घायल हो गया। बेहोशी की हालत में पुलिस उसे अस्पताल ले गई।
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swindle cases in jodhpur

जोधपुर क्राइम फाइल : टोल नाके पर रोडवेज बस चालक को पीटा, धोखाधड़ी की इन घटनाओं ने बढ़ाया अपराध का ग्राफ

चालक बेहोश, बस व यात्री देर रात टोल नाके पर अटके
जोधपुर. नागौर रोड पर नेतड़ा टोल नाके पर गुरुवार देर रात आगे खड़ी गाड़ी हटाने की बात को लेकर उपजे विवाद में टोलकर्मियों ने रोडवेज बस के चालक को पीट दिया। लगिए से हमले में बस चालक गंभीर घायल हो गया। बेहोशी की हालत में पुलिस उसे अस्पताल ले गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नागौर की तरफ से रोडवेज की एक बस देर रात जोधपुर आ रही थी। नेतड़ा टोल नाका पहुंचने पर चालक ने आगे खड़ी एक अन्य गाड़ी के पीछे बस लगा दी। काफी देर तक इंतजार करने के बावजूद आगे वाली गाड़ी वहीं खड़ी रही।

टोल कर्मचारी व गाड़ी चालक आपस में बातचीत करते रहे। काफी देर तक गाड़ी स्टार्ट न होते देख बस चालक ने आपत्ति जताई और टोलकर्मियों को आगे वाली निकालने का आग्रह किया। इस बात को लेकर आक्रोषित टोलकर्मी रोडवेज बस चालक से उलझ गए। उन्होंने बस चालक को खींचकर नीचे उतार लिया और लोहे के लगिए से मारपीट करने लगे। इससे चालक बेहोश होकर सडक़ पर गिर गया। हमलावर गाड़ी में बैठ नागौर की तरफ भाग निकले।

यात्री सहमे
चालक पर हमला होते देख बस में सवार महिलाएं व अन्य यात्री सहम गए। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। करवड़ थाने से पुलिस मौके पर पहुंची और घायल चालक को अस्पताल लेकर रवाना हुईं। देर रात तक बस व यात्री मौके पर ही थे।

ऑनलाइन टिकट बुक कराने को मिले लिंक से गंवाए २० हजार
शास्त्रीनगर सेक्टर सी में बैंक में कार्यरत एक महिला को ऑनलाइन बस का टिकट बुक कराना उस समय भारी पड़ गया जब उसके खाते से दो बार में बीस हजार रुपए निकाल लिए गए। शास्त्रीनगर थाना पुलिस के अनुसार मीशु महावल पुत्र भास्कर उपाध्याय ने गत दिनों बस का ऑनलाइन टिकट बुक कराने के लिए एक मोबाइल नम्बर पर कॉल किया था। उस व्यक्ति ने महिला को एक लिंक भेजा। मीशु ने यात्री के साथ ही डेबिट कार्ड संबंधित जानकारी दे दी। ओटीपी नम्बर भी शेयर कर दिए। ओटीपी नम्बर बताते ही उसके खाते से दो बार में बीस हजार रुपए निकाल लिए गए। मोबाइल संदेश से उसे पता लगा तो वह बैंक पहुंची और शिकायत दी। फिर पुलिस में मामला दर्ज कराया।

रेस्टोरेंट किराए पर देने का झांसा, २३ लाख की चपत
सारण नगर में एक रेस्टोरेंट किराए पर देने का झांसा देकर एक व्यक्ति को २३ लाख ४८ हजार रुपए की चपत लगा दी गई। बनाड़ थानापुलिस के अनुसार चांदपोल निवासी सुनील राजपुरोहित पुत्र इन्द्रसिंह ने रामप्रताप अग्रवाल के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है। आरोप है कि २१ अगस्त को सुनील ने रेस्टोरेंट किराए पर लेने के संबंध में विज्ञापन दिया था। उसमें अंकित मोबाइल नम्बर के आधार पर रामप्रताप ने उससे सम्पर्क किया और सारण नगर स्थित खुद का रेस्टोरेंट किराए पर देने की पेशकश करने के साथ शुद्ध कमाई में १५ प्रतिशत हिस्सा और अमानत राशि के तौर पर ११ लाख रुपए जमा कराने की शर्त रखी। सुनील ने १३ सितम्बर को आरटीजीएस से राशि उसके खाते में जमा करा दी और रेस्टोरेंट में पांच लाख रुपए का निर्माण कार्य भी करा दिया। इतना ही नहीं नगर निगम के पोल से विज्ञापन के लिए ७.४८ लाख ७१५ रुपए जमा करा दिए। किराए का एग्रीमेंट कराने पर मालिक टालमटोल करने लगा। गत १ अक्टूबर को मुहुर्त से पहली रात जागरण के दौरान उसने भजन गायकों से माइक छीन लिए और सामान फेंककर बाहर निकाल दिया। दूसरे दिन सम्पर्क करने पर उसने रेस्टोरेंट किराए पर देने से इनकार कर दिया। सिक्योरिटी राशि के बदले एक चेक दिया, लेकिन वो बैंक में अनादरित हो गया।

पत्रावली में अनियमितताएं, हेड कांस्टेबल लाइन हाजिर
गंगाणी में जमीन विवाद में दो पक्षों के बीच मारपीट के मामले में रिश्वत मांगने के बाद पत्रावली में भी अनियमितताएं सामने आने पर करवड़ थाने के एक हेड कांस्टेबल को लाइन हाजिर कर दिया गया। एसीबी कार्रवाई से पहले वह छुट्टी पर चला गया था और फिर मेडिकल लीव ली थी। पुलिस उपायुक्त (पूर्व) धर्मेन्द्रसिंह यादव के अनुसार करवड़ थाने के हेड कांस्टेबल को लाइन हाजिर किया गया है। उसके पास मारपीट के एक मामले की जांच थी। पत्रावली में जांच संबंधी अनियमितताएं पाए जाने पर उसे लाइन भेजा गया है। गौरतलब है कि इस प्रकरण में एक पक्ष से रिश्वत मांगी गई थी। जिसकी शिकायत मिलने पर एसीबी ने गोपनीय सत्यापन कराया था। जिसमें हेड कांस्टेबल के रिश्वत मांगने की पुष्टि हो गई थी। एसीबी उसे रिश्वत लेते पकड़ती उससे पहले वह थाने से गायब हो गया था। गोपनीय सत्यापन में आरोप प्रमाणित होने पर एसीबी ने जांच रिपोर्ट ब्यूरो के जयपुर मुख्यालय भेज रखी है। जिस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

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