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स्वाइन फ्लू से घबराएं नहीं, इसका इलाज संभव है, आयुर्वेदिक काढ़े का सेवन करने से भी हो सकता है फ्लू का बचाव

इसके वायरस छीकने के साथ, एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने, किसी चीज को छूने, भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर जाने से अधिक फैलते हैं।
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swine flu

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जोधपुर.शहर में एक ही दिन में स्वाइन फ्लू पॉजीटिव तीन मरीजों की मौतों के बाद चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अलावा जिला प्रशासन भी हरकत में आ गया है। जिले भर में स्वाइन फ्लू के इलाज के व्यापक इंतजाम के साथ ही लोगों को स्वाइन फ्लू के बचाव के लिए समझाया जा रहा है। जिला कलक्टर डॉ. रविकुमार सुरपुर ने भी स्वाइन फ्लू मरीज, उनके परिजन या आमजन को स्वाइन फ्लू से घबराने की बजाय समय पर इलाज लेने का अपील की है। कलक्टर डॉ. सुरपुर ने कहा कि स्वाइन फ्लू का इलाज संभव है। इसलिए कोई इससे घबराए नहीं। जिला कलक्टर मंगलवार को जिले में बढ़े स्वाइन फ्लू बीमारी व बचाव को लेकर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पश्चिमी राजस्थान में शुष्क मौसम होने से इसके वायरस की सम्भावना बनी रहती है। उन्होंने बताया कि इसके वायरस छीकने के साथ, एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने, किसी चीज को छूने, भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर जाने से अधिक फैलते हैं।

गौरतलब है कि संभाग में इस वर्ष अब तक 31 मौतें स्वाइन फ्लू से हो चुकी हैं व 156 को चिन्हित किया गया है। इनमें 14 मरीजों की मृत्यु शहरी व 17 मरीजों की मृत्यु ग्रामीण क्षेत्र में हुई है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से गत पांच माह में 1 लाख 35 घरों की स्क्रीनिंग डेंगू व स्वाइन फ्लू के सन्दर्भ में की है।

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सर्दी, खासी व जुकाम पर अस्पताल जाकर दिखाए

-किसी व्यक्ति को सर्दी, खांसी, जुकाम, सिरदर्द, बदन दर्द, तेज बुखार व श्वास लेने में तकलीफ के लक्षण हो तो तुरन्त सरकारी अस्पताल जाकर इलाज लें व टेमी फ्लू अवश्य लें। जिला कलकटर ने बताया कि सभी सरकारी ग्रामीण सब सेन्टर, स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र व अन्य सरकारी अस्पतालों में टेमी फ्लू निशुल्क उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया गर्भवती महिलाएं, बच्चे, वरिष्ठजन, ह्रदयरोगी, मधुमेह, रक्तचाप व कैंसर रोगी इस स्थिति में विशेष ध्यान रखें। उन्होंने बताया कि एमडीएम में अलग से आइसोलेटेड वार्ड है। अलग से ओपीडी स्क्रीनिंग की व्यवस्था है।


सावधानियां भी जरूरी
छींक आने, खांसते समय मुंह पर रूमाल रखे, भीड़भाड़ वाले स्थान पर जाने से बचे, रोगी से कम से कम 1 मीटर की दूरी बनाये रखे, स्कूल- हॉस्टल में भी ध्यान रखे। मरीज को डराने की बजाय विकल्प दिखाना चाहिए।

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सभी अस्पतालों में टेमीफ्लू

जिला कलक्टर ने कहा कि आमजन को जागरूक करने व प्रशासन के प्रयासों की जानकारी देने में पूरी भागीदारी निभाएं। सीएमएचओ डॉ. सुनील कुमार सिंह बिष्ट ने बताया कि सभी सरकारी अस्पतालों में टेमी फ्लू उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि सीएमएचओ कार्यालय में स्थापित कट्रोल रूम के 0291- 2511085 पर फोन करके भी स्वाइन फ्लू सम्बन्धी जानकारी ले सकते है। कन्ट्रोल रूम में भी टेमी फ्लू उपलब्ध है।

घर पर ऐसे बनाएं स्वास्थ्यवर्धक काढ़ा

आयुर्वेद काढ़ा लेना भी स्वाइन फ्लू रोगी के लिए बेहतर उपाय है। सर्दी, जुकाम, खांसी में यह उपयोगी है। यह घर पर भी बनाया जा सकता है या आयुर्वेद चिकित्सालय में उपलब्ध है या इसके पाउडर से भी बनाया जा सकता है। आयुर्वेद विभाग के डॉ. गोपाल नारायण शर्मा ने बताया कि आयुर्वेद पद्धति के काढ़े से भी स्वाइन फ्लू से बचाव किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि पांच-सात तुलसी पत्ते, चार दाने काली मिर्च, तीन लोंग, एक चम्मच अदरक रस को एक गिलास पानी में धीमी आंच में उबाल लें व एक चौथाई पानी बचे तब उसमें एक चम्मच शहद मिलाकर सुबह भूखे पेट या सायं चार बजे या रात्रि को खाना खाने के दो घंटे बाद लिया जा सकता है। उन्होंने नियमित योग को भी उपयोगी बताया।

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