
महज 20 पैसों में अटका गधों का काम
जोधपुर. भीतरी शहर के कुछ हिस्सों में गधों से कचरा परिवहन के टैंडर का कार्य महज 20 पैसे में अटका पड़ा है। एक संवेदक ने दूसरे संवेदक का टैंडर महज अपने से 20 पैसे कम होने पर ऑब्जेक्शन खड़ा कर दिया। कम रेट वाले संवेदक पर कई तरह के आक्षेप लगा दिए। इस कारण परकोटे के भीतरी भागों की घाटियां गंदगी से अटी पड़ी हैं। हालांकि निगम दावा कर रहा है कि कुछ काम करने वालों को लगाया गया है, जिसे बाद में ठेका हो जाने पर ठेकेदार को सबलेट कर देंगे, लेकिन ऊंची घाटियों पर लोग गंदगी से परेशान हैं।
दरअसल, नगर निगम ने कुछ माह पहले अनुमानित 42 लाख रुपए की लागत से गधे से कचरा परिवहन का टैंडर निकाला था। इस टैंडर में दो ठेकेदारों की दरें कम आई। इसमें एक संवेदक ने 130 रुपए 80 पैसे और दूसरे के 131 रुपए निर्धारित थे। इस बीच कंप्यूटर पर वेरिएशन में दोनों की राशि 131 रुपए थी। लेकिन कम दर पर ठेका 130 रुपए 80 पैसे वाले का फाइनल किया गया। उस संवेदक को टैंडर दे दिया गया। इस बीच 131 रुपए वाले संवेदक ने दूसरे संवेदक पर कई तरह के लाइसेंस संबंधी ऑब्जेक्शन उठाए। इस दौरान निगम ने एग्रीमेंट होने से पहले वर्कऑर्डर रोक दिया। आक्षेपों की जांच के लिए लैबर विभाग को पत्र भी भेजा। टैंडर लेने वाली फर्म भी अब 130 रुपए प्रति ***** कचरा परिवहन के लिए तैयार हो गई है। वहीं इस दौरान कई घाटी वाले इलाकों में कचरा परिवहन का कार्य बहुत धीमी रफ्तार से चल रहा है। शहर में वार्ड संख्या 14, 15, 16, 17 व 34 समेत कई वार्ड ऐसे हैं, जहां निगम गधे लगाकर कचरे उठवाता है।इनका कहनाकाम नियमों से करेंगे। मैं इस मामले को दिखवाता हूं।- सुरेश कुमार ओला, आयुक्त, नगर निगम
Published on:
08 Jan 2019 03:00 am
