
स्वस्थ होने जोधपुर गई सोनोग्राफी मशीन की नहीं हुई वापसी
फलोदी (जोधपुर). बेहतर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं का दावा फलोदी के जिला अस्पताल में पूरा नहीं हो पा रहा है। हालात यह है कि बेहतर उपचार के लिए दी गई सुविधाएं देखरेख के अभाव में हांफ रही है।
अभी के हालात ये है कि गर्भवती महिलाओं व पेट की बीमारी से ग्रस्त रोगी गत एक पखवाड़ा से सोनोग्राफी की सुविधा से वंचित है, लेकिन बावजूद इसके सोनोग्राफी की सुविधा बहाल करने के प्रयास नहीं हो पा रहे है।
जिला अस्पताल में पेट के रोगी व गर्भवती महिलाओं को सोनोग्राफी बंद होने से कईं दुविधाएं झेलनी पड़ रही है। बाजवूद इसके जिम्मेदारों का इस ओर ध्यान नहीं जा रहा है। ऐसे में कोविड महामारी के बीच पेट रोग की समस्या से ग्रसित व्यक्तियों को सोनोग्राफी के लिए मोटी रकम अदा कर लाइनों में लगना मजबूरी बन गया है।
लॉकडाउन के बाद से बंद सोनोग्राफी सुविधा
फलोदी के जिला अस्पताल में स्थापित सोनोग्राफी मशीन लॉकडाउन लगने के बाद से बन्द है, जिससे ऐसी परिस्थिति में जरुरतमंदों को सोनोग्राफी के लिए निजी सोनोग्राफी सेन्टर पर जाना पड़ रहा है, हालात यह है कि लॉकडाउन की स्थिति में सरकारी अस्पताल में सोनोग्राफी बंद होने से निजी सोनोग्राफी सेन्टर पर अधिक भीड़ लगी रहती है, जिससे कोविड संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।
जोधपुर भेजा, वापस नहीं मंगवा पाए
सोनोग्राफी मशीन में तकनीकी खामी आने के बाद इसे ठीक करवाने के लिए विशेषज्ञ को तकनीकी खामी दूर करने के लिए केटीपीएल को सूचित किया गया, लेकिन लॉकडाउन के वजह से जयपुर से तकनीकी विशेषज्ञ फलोदी नहीं आ पाए तो मशीन को जोधपुर सर्विस सेन्टर भेजा, जहां मशीन की खामी तो दूर कर दी, लेकिन मशीन वापस फलोदी नहीं मंगवाई गई।
वापस मंगवाने की होगी कवायद
फलोदी में तकनीकी जानकार नहीं मिलने से सोनोग्राफी मशीन को सर्विस के लिए जोधपुर भेजा गया था, वहां मशीन को सही कर दिया गया है, अब एक-दो दिनों में साधन जुटाकर मशीन को पुन: मंगवा कर सोनोग्राफी सुविधा पुन: शुरु कर दी जाएगी।
- डॉ. मधु शर्मा, प्रमुख चिकित्साधिकारी, जिला अस्पताल, फलोदी
Updated on:
21 May 2021 12:41 am
Published on:
21 May 2021 12:41 am
