युवती के नाम से फ्रेण्ड रिक्वेस्ट का झांसा, सेक्सटॉर्शन में फंस रहे युवा

- सोशल मीडिया पर मित्रता कर लोगों को जाल में फंसाकर ऐंठ रहे लाखों रुपए
- क्राइम एण्ड सेफ्टी
- सेना का जवान व हैण्डीक्राफ्ट व्यवसायी तक हो चुके हैं ब्लैकमेल

By: Vikas Choudhary

Published: 18 Sep 2021, 06:30 PM IST

जोधपुर.
संचार क्रांति के युग में सोशल मीडिया अपनी जड़ें जमा चुका है। सोशल मीडिया पर अनेक साइबर व सेक्सटॉर्शन गिरोह अथवा ठग गैंग सक्रिय हैं। जो युवती या महिला के नाम से सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म के मार्फत पहले मित्रता करते हैं और फिर अश्लील मैसेज व फिर अश्लील वीडियो कॉल कर रिकॉर्ड कर सेक्सटॉर्शन से ब्लैकमेल कर रहे हैं। एेसे फोटो या वीडियो के वायरल होने पर समाज में इज्ज्त गंवाने के डर से व्यक्ति मोटी रकम तक गंवाने को मजबूर हो रहा है। इसलिए सोशल मीडिया का काफी सोच समझकर उपयोग करें। अनजान युवती या महिला के नाम से आने वाली फ्रेण्ड रिक्वेस्ट, वीडियो कॉल या संदेशों से बचकर रहें।
बदनामी के डर से एफआइआर से कतरा रहे

गत दो-ढाई माह में सेक्सटॉर्शन की कई शिकायतें पुलिस को मिली, लेकिन समाज में बदनामी के डर से एफआइआर नाममात्र की दर्ज कराई गईं। एक मामले में पुलिस ने ब्लैकमेल से एेंठे एक लाख रुपए में से ८९ हजार रुपए होल्ड भी कराए थे।
ब्लैकमेल होने वालों में सैन्यकर्मी से व्यवसायी तक शामिल

युवतियों के नाम की फ्रेण्ड रिक्वेस्ट और फिर अश्लील मैसेज के जाल में फंसने वालों में आम व्यक्ति के साथ ही सेना का जवान व हैण्डीक्राफ्ट व्यवसायी तक शामिल हैं। वहीं, मण्डोर कृषि मण्डी का एक व्यापारी भी हनी ट्रैप का शिकारत हो चुका है।
इस तरह से बचें सेक्सटॉर्शन से...

- फेसबुक पर आने वाली अनजान व्यक्ति विशेषकर महिला या युवती की फ्रेण्ड रिक्वेस्ट बहुत ही सोच समझकर स्वीकार करें। संभव हो तो अनजान महिला या युवती के नाम से आई फ्रेण्ड रिक्वेस्ट स्वीकार करने से बचें।
- सोशल मीडिया का कोई भी प्लेटफॉर्म चाहे वो मैसेंजर हो या व्हॉट्सएेप, अनजान नम्बर या व्यक्ति के वीडियो कॉल से बात न करें।

- किसी युवती या महिला के नाम से सोशल मीडिया पर यदि कोई मैसेज आते हैं तो उनका जवाब काफी सोच समझकर दें। कोई अश्लील जवाब, फोटो या वीडियो न भेजें। यदि कोई अश्लील मैसेज या फोटो/वीडियो भेजते हैं तो रिप्लाई न करें और हो सके तो एेसे नम्बर ब्लॉक कर दें।
- यदि कोई युवती या व्यक्ति अश्लील वीडियो या फोटो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने का प्रयास करता है तो इस बारे में तुंरत पुलिस को सूचित करना चाहिए। इसके लिए पुलिस कन्ट्रोल में टोल फ्री नम्बर १०० या व्हॉट्सएेप नम्बर ९५३०४४०८०० या संबंधित पुलिस स्टेशन में सम्पर्क करें।

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केस : १

२३ जून : शांति प्रिय नगर में एक युवक ने फेसबुक पर अज्ञात व्यक्ति की फ्रेण्ड रिक्वेस्ट स्वीकार की थी। मैसेंजर से व्हॉट्सएेप नम्बर भी शेयर किए थे। व्हॉट्सएेप पर वीडियो कॉल आया तो सामने नग्न वीडियो चालू था। युवक ने तुरंत फोन कट कर दिया। कुछ ही देर में अज्ञात नम्बर से फोन आया। उसने नग्न वीडियो सोशल मीडिया व परिवार और रिश्तेदारों में सार्वजनिक करने की धमकियां देनी शुरू कर दी थी। बदले में रुपए मांगने लगे। बदनामी के डर से युवक ने एक लाख रुपए जमा करा दिए। पुलिस में शिकायत तो जांच शुरू की गई। आखिरकार पुलिस ने ठगों के खातों में जमा एक लाख रुपए में से ८८९१० रुपए होल्ड करा लिए।
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केस : २
जिले के बिलाड़ा में एक युवक को सोशल मीडिया पर युवती के नाम से जाल में फंसाया गया था। फिर सेक्सटॉर्शन के जाल में फंसाकर २.९० लाख रुपए एेंठ लिए गए थे। आखिरकार परेशान होकर पीडि़त थाने पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई थी।

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केस : ३

जयपुर का एक सैन्यकर्मी भी सेक्सटॉर्शन का शिकार हो चुका है। सोशल मीडिया पर युवती ने उससे मित्रता की और फिर चैट करने लग गई थी। युवती ने सेना के जवान को मिलने के लिए जिले के लोहावट के पास बुलाया था। फौजी जोधपुर और फिर लोहावट पहुंच गया था, जहां खेत में उसे कुछ युवक मिले थे और खेत में ले जाकर ब्लैकमेल कर रुपए एेंठ लिए थे। लोहावट थाने में मामला दर्ज कराया गया था।
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केस : ४
शहर के एक हैण्डीक्राफ्ट व्यवसायी को एक युवती ने झांसे में लेकर पाल गांव के पास अपने मकान बुलाया था, जहां एक महिला व दो युवतियों ने दो अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर व्यवसायी को बंधक बना लिया था। फिर उसके साथ अश्लील वीडियो बना लिया था और बदनाम करने की धमकी देकर ५० लाख रुपए मांगे गए थे। फिर पांच लाख रुपए वसूल भी लिए गए थे। २५ लाख रुपए के तीन चेक भी एेंठ लिए गए थे। बोरानाडा थाना पुलिस ने एक महिला सहित तीन जनों को गिरफ्तार किया था।

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एफआइआर गिनी-चुनीं दर्ज...

पुलिस स्टेशन का नाम...................मामले दर्ज
चौहाबो.............................................०२

बोरानाडा...........................................०२
लोहावट............................................०१

बिलाड़ा.............................................०१
देवनगर.............................................०१
अनजान फ्रेण्ड रिक्वेस्ट या वीडियो कॉल स्वीकार न करें
'ठग गैंग फेसबुक पर म्युचुअल फ्रेण्ड वालों को फ्रेण्ड रिक्वेस्ट भेजते हैं। म्युचुअल फ्रेण्ड लिस्ट देखकर ही रिक्वेस्ट स्वीकार करते हैं। फिर वो व्हॉट्सएेप नम्बर लेकर या मैसेंजर से वॉइस कॉल कर बातचीत शुरू करते हैं। साथ ही वीडियो कॉल से अश्लील रिकॉर्डिंग कर ब्लैकमेल करते हैं। इससे बचने के लिए फेसबुक या सोशल मीडिया के अन्य प्लेटफॉर्म पर अनजान व्यक्ति की फ्रेण्ड रिक्वेस्ट या वीडियो व वॉइस कॉल कभी भी स्वीकार न करें। फिर भी यदि शिकार हो जाते हैं तो तुरंत नजदीकी थाने में सूचित करें। एेसी गैंग ऑनलाइन रुपए जमा कराते हैं। इसलिए कभी भी खाता नम्बर की जानकारी शेयर न करें।Ó
नीरज शर्मा, सहायक पुलिस आयुक्त (प्रतापनगर) जोधपुर।

Vikas Choudhary Reporting
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