
़बर्फ के गोले खतरनाक, अब आईसक्रीम बन रही बच्चों और युवाओं की पहली पसंद
जोधपुर. किसी जमाने में बर्फ के गोले खाने वालों की ठेले, दुकानों व पार्टीज में भीड़ उमड़ती थी। इसको लेकर सबसे ज्यादा अट्रेक्शन बच्चों और यूथ में देखा जाता था। वहीं बदलते दौर में बर्फ के गोलों की जगह आईसक्रीम ने ले ली है। आजकल ज्यादातर यूथ आईसक्रीम पार्लर की ओर बढ़ रहा है। स्वास्थ्य के जानकारों के मुताबिक बर्फ के गोले किसी मीठे जहर से कम नहीं है।
रंग-बिरंगी और ठंडे-ठंडे शर्बत में घुले बर्फ के गोले खाने में बेहद स्वादिष्ट लगते हैं। लेकिन इनमें मिला रंग व सेक्रीन सेहत के लिए घातक होता है। घटिया बर्फ पर कार्रवाई करने में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग भी लापरवाही बरतता है।
बोले यूथ, गोले से ठीक है आईसक्रीम
मार्केटिंग एग्ज्यूकेटिव 28 वर्षीय संजीव शर्मा का कहना है अक्सर फिल्ड में कार्य करने के दौरान उनका गला सूखने लगता है। रास्ते में कुछ ठंडा खाने की भूख भी लग जाती है। इस दौरान दही की लस्सी पीने से आलस छूटता है। ऐसे में अक्सर वे बर्फ के गोले की बजाय आईसक्रीम या छाछ प्रीफर करते हंै। वहीं स्टूडेंट राशि का कहना है कि बर्फ के गोले बचपन में उन्हें बहुत अच्छे लगते, लेकिन समय के साथ वे आइसक्रीम खाना ज्यादा पसंद करती हैं। हालांकि ज्यादा आईसक्रीम भी सेहत के लिए अच्छी नहीं है।
कई जगह गंदे पानी से बनती है बर्फ
अक्सर बर्फ गंदे पानी से तैयार होते हैं। बर्फ के पानी में बेशुमार बैक्टिरिया तक होता है। जो लीवर के लिए घातक होता है। बर्फ बनाने व तैयार होने वाले स्थान पर किसी तरह की शुद्धता नहीं रखी जाती है। इसके पानी में क्लोरीन की मात्रा तक नहीं होती है।
इनका कहना
बर्फ के सैंपल लेना अब शुरू करेंगे। शर्बत में नॉम्र्स के अनुसार सामग्री है तो ठीक है, वरना सेहत के लिए घातक है। गंदे पानी में जीवाणु उत्पन्न होते हैं। गंदे पानी से बर्फ बनता है तो बिल्कुल स्वास्थ्य के लिए घातक है।
- रजनीश शर्मा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, सीएमएचओ
Published on:
13 May 2019 09:23 pm
