
Villagers angry
देणोक. महर्षि नगर धोलासर में पेयजल संकट झेल रहे ग्रामीणों का गुस्सा शनिवार को उस समय फूट पड़ा जब वहां एक वर्ष से बंद पड़े नलकूप चालू करने को लेकर कोई गंभीर नजर नहीं आया।डेढ़ साल पहले नलकूप के भू-जलस्तर नीचे जाने की विभाग को सूचना कई बार दी गई। लेकिन विभाग ने इस मामले में कोई सुनवाई नहीं की तथा न समाधान किया। एेसे में ग्रामीणों को लंबे समय पानी को लेकर परेशानी झेलनी पड़ रही है।
प्रदर्शन कर रहे उपसरपंच सवाई सिंह चौहाण, गोविन्द राम पंचारिया, संतोष पंचारियां, नरपत सिंह चौहाण, दिलीप पंचारियां, भैरू सिंह, नेन सिंह, स्वरूपसिंह, शेराराम भील, भवंरलाल, तिलाराम ने बताया कि नलकूप से गांव के राजपूतों, ब्राह्मणों,मेघवालों व भीलों की ढाणियों की जलाूपर्ति होती थी। करीब एक वर्ष पूर्व इन सभी ढाणियों में जलापूर्ति बन्द होने से लोगों का बुरा हाल है। इस नलकूप का भू-जल स्तर एक साल पहले ही बहुत नीचे चले जाने से क्षेत्र के लोगों ने क्षेत्रीय विधायक एवं मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर से नया नलकूप खुदवाने की गुहार लगाई। इस पर उन्होंने तत्कालीन विभाग के एक्सईएन को दूसरा नलकूप खुदवाने के लिए निर्देश दिए गए। लेकिन अभी तक नलकूप नहीं खोदा गया। अब मजबूरन लोगों को पानी के टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं।
लवणीय पानी की भी जलापूर्ति बन्द
ग्रामीणों ने बताया कि उनकी ढाणियों में मीठे पानी का नलकूप खराब होने से पंचायत की ओर से गांव में संचालित होने वाले लवणीय खारे पानी के नलकूप से उक्त ढाणियों को जोड़ते हुए कनेक्शन किया। लेकिन इसमें भी पिछले दो महिने से पानी नहीं आने के जीएलआर व पशु खेळी सूखे पड़े हैं।
इन्होंने यह बताया
हमारी सौ से अधिक ढाणियों में संचालित होने वाला नलकूप खराब होने के कारण उसके स्थान पर दूसरा नलकूप खुदवाने के लिए मंत्री व विभाग के उच्चाधिकारियों से कई बार शिकायत कर चुके हैं। लेकिन कोई नहीं सुन रहा हैं। इसलिए हमारे पानी के अभाव में बुरे हाल हैं।
सवाई सिंह चौहाण उपसरपंच ग्राम पंचायत धोलासर।
Published on:
27 May 2018 12:05 am
