मानसून अब तक नहीं बुझा पाया सागर की प्यास, अगली गर्मियों तक चलेगा शट डाउन

- मानसून की अच्छी बारिश नहीं होने से कायलाना-तखतसागर में नहीं हुई पानी की आवक
- 15 दिन में एक बार होने वाला शटडाउन अगली गर्मियों तक रहेगा जारी

By: Jay Kumar

Published: 25 Aug 2020, 11:20 AM IST

जोधपुर. मानसून की मेहरबानी इस बार कम रही और इसका सीधा असर हमारे प्रमुख जलाशयों में पानी की आवक पर भी रहा है। प्रदेश के कई जिलों में जहां झमाझम बारिश से बांधों में पानी की आवक हुई है तो कई बांध के गेट भी खुल गए हैं, वहीं जोधपुर में प्यास बुझाने जितना पानी भी नहीं आया। हालांकि सोमवार को पूरे दिन बारिश का मौसम रहा, लेकिन पानी आवक जैसी बारिश नहीं हुई है। इसी का नतीजा है कि हर 15 दिन में होने वाला पेयजल शटडाउन अब अगली गर्मी तक भी जारी रह सकता है।

मानसून की शुरुआत से ही उम्मीद लगाए बैठा जोधपुर अब मानसून की विदाई की ओर ताक रहा है। लेकिन अब तक बारिश जो स्थिति जोधपुर शहर सहित जिले में बनी है वह ज्यादा खुशी देने वाली नहीं है। कायलाना-तख्तसागर जिसके जलस्तर को यथावत रखने के लिए होने वाला शटडाउन फिलहाल २६ अगस्त को प्रस्तावित है। इसके बाद भी यह शटडाउन अगले साल गर्मियों तक जारी रह सकता है। इसका कारण जलाशयों का घटता जलस्तर और अगले साल प्रस्तावित ७० दिन की इंदिरा गांधी नहर बंदी भी बताई जा रही है।

फैक्ट फाइल
- १८६ एमसीएफटी पानी अभी कायलाना-तख्तसागर में (२४ अगस्त दोपहर तक)
- १२० डेड स्टोरेज में रखा जाता है पानी
- ३३० एमसीएफटी पानी फरवरी तक पहुंचाना है
- ७० से १०० एमसीएफटी पानी की उम्मीद होती है हर बार मानसून से
- १०-१५ एमसीएफटी पानी ही आया है अब तक बारिश के कारण जलाशयों में
- १०-१२ एफसीएफटी पानी बचाया जाता है एक दिन के पेयल शटडाउन से

अगले साल बड़ा क्लोजर प्रस्तावित
अगले साल मार्च-अप्रेल में ७० दिन का बड़ा क्लोजर प्रस्तावित है। लॉकडाउन को देखते हुए यह इस साल नहीं हो पाया। अगले साल की तैयारियों के लिए भी हर १५ दिन में होने वाला शटडाउन आगे भी जारी रहेगा।

२७० क्यूसेक पानी भी कम पड़ रहा
राजीव गांधी लिफ्ट केनाल में अभी २७० क्यूसेक पानी मिल रहा है। दो साल पहले यह २४० क्यूसेक था। लेकिन अब २७० क्यूसेक भी कम पड़ रहा है, इसका कारण है पिछले कुछ समय में नई स्कीम स्वीकृत होना और पानी की खपत बढऩा है।

इनका कहना है...
मानसून में ज्यादा पानी की आवक नहीं हुई है। उम्मीद हमेशा ५० से ५० एमसीएफटी पानी की होती है, लेकिन इस बार ज्यादा पानी नहीं आया है। अगले साल बड़ा क्लोजर प्रस्तावित है। एेसे में जलाशयों में वाटर लेवल बढ़ाने के लिए २४ घंटे के शटडाउन आगे भी चलेंगे।
- जे.सी व्यास, अधीक्षण अभियंता, पीएचइडी शहर वृत्त।

Jay Kumar
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