
ख़ींचन चुग्गाघर मैदान की हुई सफाई तो चौगुणी हुई कुरजां की संख्या
जोधपुर. शीतकालीन प्रवास पर आने वाले 30 हजार से अधिक मेहमान परिंदों कुरजां की प्रमुख आहार स्थली जोधपुर जिले के खींचन मैदान की सफाई के बाद पक्षियों की तादाद निरंतर बढऩे लगी है। कजाकिस्तान व मंगोलिया से उड़ान भर साइबेरियन क्रेन कुरजां सिर्फ भोजन और पानी के लिए हजारों मील का सफर तय कर हर साल खींचन पहुंचते है। जोधपुर जिले के खींचन गांव के चुग्गाघर से दूरी बनाने को लेकर राजस्थान पत्रिका में 28 सितम्बर को प्रकाशित समाचार के बाद खींचन चुग्गाघर मैदान की सफाई के बाद पक्षियों की संख्या चार गुणा से अधिक हो चुकी है।
करीब दो माह पूर्व बरसात से क्षेत्र के तालाब लबालब भरने के साथ चुग्गाघर में घास उगने के कारण पक्षी चुग्गाघर में चुग्गा नहीं चुग पा रहे थे। क्षेत्र के जागरूक पक्षी प्रेमियों ने ग्राम पंचायत व संबंधित ग्राम विकास अधिकारी से घास कटवाने की मांग की , लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो पाई। ऐसे में जैन संस्थान से जुड़े भामाशाहों के सहयोग से चुग्गाघर में मजदूर लगाकर घास कटाई का कार्य शुरू कर दिया है । पक्षीप्रेमी सेवाराम माली ने बताया कि चुग्गाघर में घास कटाई के बाद कुरजां की संख्या पिछले एक सप्ताह में दो हजार से बढ़कर आश्चर्यजनक रूप से करीब आठ हजार हो चुकी है।
Published on:
09 Oct 2021 01:20 pm
